पाकुड़ का राज प्लस टू उच्च विद्यालय बदहाल
पाकुड़ : राज प्लस टू उच्च विद्यालय में शिक्षकों की काफी कमी है. इस कारण पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है. उच्च विद्यालय की स्थापना 1859 को हुई थी. उस दौरान जिले में मात्र एक उच्च विद्यालय था.
वहीं उच्च विद्यालय को 1986 को उत्क्रमित कर प्लस टू का दर्जा दिया गया. विद्यालय में शिक्षकों व कर्मचारियों की काफी कमी है. जो शिक्षक विद्यालय में हैं भी वे पंजीयन, एडमिट कार्ड सहित कई अन्य कार्यो में मशगूल रहते हैं. उच्च विद्यालय में वर्ग सप्तम से दशम तक 829 छात्र-छात्रा नामांकित हैं.वहीं प्लस टू में इंटर कॉमर्स में 14, साइंस में 275 तथा कला में 690 छात्र-छात्रा अध्यनरत हैं.
