महेशपुर : चोरी के आरोप में आक्रोशित भीड़ द्वारा पीट-पीट कर हत्या करने की यह पहली घटना नहीं है. इससे पूर्व भी दो ऐसी घटनाएं इसी थाना क्षेत्र के अलग-अलग जगहों में हो चुकी हैं. जानकारी के मुताबिक अब तक इस तरह के मामले में तीन लोगों की जानें जा चुकी है. वर्ष 2014 के […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
महेशपुर : चोरी के आरोप में आक्रोशित भीड़ द्वारा पीट-पीट कर हत्या करने की यह पहली घटना नहीं है. इससे पूर्व भी दो ऐसी घटनाएं इसी थाना क्षेत्र के अलग-अलग जगहों में हो चुकी हैं. जानकारी के मुताबिक अब तक इस तरह के मामले में तीन लोगों की जानें जा चुकी है. वर्ष 2014 के अप्रैल माह में महेशपुर थाना क्षेत्र के खेरीबाड़ी गांव में चोरी करते एक चोर को ग्रामीणों ने पकड़ा था.
इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने चोर को पत्थर व लाठी से पीट-पीट कर मौके पर ही मार डाला था. वहीं, दूसरी घटना इसी थाना क्षेत्र के पीपलजोड़ी गांव में हो चुकी है. यहां भी कुछ वर्ष पूर्व चोरी के एक मामले में आक्रोशित हुए भीड़ ने पीट-पीट कर एक व्यक्ति को मार डाला था. सोमवार की रात्रि भी इस तरह की घटना इसी थाना क्षेत्र में फिर हुई है.
क्यों हुई घटना
बताया जाता है कि हाल के दिनों में चोरी की घटनाएं बढ़ी हैं. चोरी की घटना से लोग परेशान हैं. महेशपुर में भी कई दुकानें व घरों में अब तक चोरी की जा चुकी है. कई मामले में तो पुलिस को हुए चोरी व डकैती की घटना में कोई सुराग भी हाथ नहीं लगा है. ऐसे में चोरी करते जब रंगे हाथ चोर पकड़ा गया तो लोग गुस्से में आ गये. देखते ही देखते काफी संख्या में भीड़ जमा हो गयी और आक्रोशित भीड़ ने चोर को पीट-पीट कर मार डाला. बताया जाता है कि मृतक के शरीर पर तीर के भी निशान मिले हैं. बहरहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
मारे गये तीनों लोग एक ही गांव के बताये जाते हैं
थाना क्षेत्र के अलग-अलग मुहल्ले में अब तक चोरी के आरोप में मारे गये तीनों व्यक्ति एक ही गांव के बताये जाते हैं. सोमवार रात्रि थाना क्षेत्र के गणेशपुर में चोरी के आरोप में मारे गये व्यक्ति की पहचान बरमसिया निवासी अक्खय नाग के रूप में की गयी है. वहीं वर्ष 2014 में खेरीबाड़ी गांव में चोरी के आरोप में मारे गये व्यक्ति की पहचान बरमसिया गांव के ही सुगा पहाड़िया के रूप में की गयी थी. जबकि तीसरी घटना पीपलजोड़ी गांव में चोरी के आरोप में ही मारे गये व्यक्ति की पहचान बरमसिया गांव के ही प्रवेश दत्ता के रूप में हुई थी. बहरहाल इस तरह के वारदात को रोकने के लिए व्यापक जागरुकता अभियान की जरूरत है.