रांची. झारखंड हाइकोर्ट ने वर्ष 2011 में हुए राष्ट्रीय खेल घोटाला मामले में आरोपी सुरिंदर सिंह को राहत दी है. जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की अदालत ने सुरिंदर सिंह की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें अग्रिम जमानत की सुविधा प्रदान की.
परिवहन सेवा के लिए मिली थी 2.29 करोड़ की अग्रिम राशि
सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने अदालत को बताया कि सुरिंदर सिंह वर्ष 1980 से सुरिंद्रा टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट सर्विसेज के नाम से व्यवसाय चला रहे हैं. राष्ट्रीय खेल के दौरान परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के लिए उन्हें 2 करोड़ 29 लाख 47 हजार 900 रुपये की अग्रिम राशि दी गयी थी. राष्ट्रीय खेल की तिथियां बार-बार पुनर्निर्धारित होती रहीं, इसके बावजूद वह अपनी जिम्मेदारी पूरी करने के लिए तैयार थे. इसके लिए बैंक गारंटी भी दी गयी थी, जिसे राज्य सरकार और आयोजकों के अनुरोध पर बढ़ाया गया था.
जांच में सहयोग का दिया हवाला
अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और जांच के दौरान सुरिंदर सिंह ने सीबीआइ को पूरा सहयोग किया है. वह ट्रायल में भी सहयोग करने के लिए तैयार हैं.
सीबीआइ ने अग्रिम जमानत का किया विरोध
वहीं, सीबीआइ की ओर से अग्रिम जमानत का विरोध किया गया. सीबीआइ ने कहा कि प्रार्थी को अग्रिम राशि ब्याज सहित वापस करने के लिए पत्र जारी किया गया था, लेकिन राशि वापस नहीं की गयी. हालांकि, सीबीआइ के अधिवक्ता ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि प्रार्थी ने जांच में सहयोग किया या नहीं, लेकिन यह तथ्य है कि जांच पूरी हो चुकी है.
उल्लेखनीय है कि सीबीआइ ने आरसी-02(ए)/2022-आर के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसमें सुरिंदर सिंह के खिलाफ आरोप लगाये गये हैं. मामला रांची स्थित सीबीआइ की विशेष अदालत में लंबित है.
