सीड बॉल से जंगलों को बचाने के लिए ग्रामीणों की अनोखी पहल

सीड बॉल से जंगलों को बचाने के लिए ग्रामीणों की अनोखी पहल

किस्को़ किस्को प्रखंड के लोग अपने जंगल को बचाने और बढ़ाने को लेकर अब काफी जागरूक हो गये हैं. ग्रामीणों द्वारा ””””प्रदान”””” संस्था से प्रशिक्षण लेकर अपने गांव के जंगल में उपलब्ध फलदार और अन्य जंगली पेड़ों के बीजों को इकट्ठा किया जा रहा है. फिर मिट्टी, गोबर खाद, भूसा, नीम पत्ता पाउडर और गोमूत्र के मिश्रण को पानी में गूंथकर उससे मिट्टी के गोले बनाकर उनमें बीज डाले जा रहे हैं. दो दिन तक सुखाने के बाद ये बीज गेंद यानी ””””सीड बॉल”””” तैयार किए जा रहे हैं. इन सीड बॉल्स में खासकर इमली, जामुन, करंज, आम, कटहल, डोरी, कुसुम और डहु जैसे पेड़ों के बीज शामिल हैं. ग्रामीण इन्हें अपने वन क्षेत्र में उन स्थानों पर फेंक रहे हैं जहां पेड़ नहीं हैं. उद्देश्य यह है कि खाली पड़ी वन भूमि पर बीज अंकुरित होकर पेड़ बन सकें और जंगल को फिर से हरा-भरा किया जा सके. इस प्रयास में गांव के लोग स्वप्रेरणा से आगे आ रहे हैं. यदि इन्हें विभागीय सहयोग मिल जाये तो वे वन क्षेत्र को और भी हराभरा बना सकते हैं. साथ ही, वनों पर आधारित खेती और वनोत्पाद के जरिये स्वरोजगार से भी जुड़ सकते हैं. पिछले वर्ष हिसरी पंचायत के बड़चोरगाई के किसानों ने बड़े पैमाने पर जंगलों में सीड बॉल छोड़े थे, जो अब पौधों का रूप ले चुके हैं. इस सफलता से प्रेरित होकर इस वर्ष बगड़ू पंचायत के कोरगो के किसान भी वृहद पैमाने पर सीड बॉल के सहारे जंगल को संवारने का कार्य कर रहे हैं. इस सराहनीय कार्य में शिवशंकर टाना भगत, बुधमनिया नगेसिया, सरिता, बधनु, रामदेयाल, लालमंती, सुकित, धनमुनि, दीपक, संगीता, राजेश, सुधीर, चंदर, संतोष, सुमेश्वर, पिसेंद्र, जगरनाथ, बीरेंद्र, बीरू, सुधनु, सुनीता समेत कोरगो के कई ग्रामीण सक्रिय रूप से शामिल हो रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >