जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए धरना-प्रदर्शन का निर्णय
लोहरदगा. आदिवासी समन्वय समिति लोहरदगा के अध्यक्ष अरविंद उरांव की अध्यक्षता में आदिवासियों के ज्वलंत मुद्दों पर आदिवासी सांस्कृतिक कला केन्द्र भवन कुटमू लोहरदगा में बैठक हुई. अरविंद उरांव ने कहा कि माननीय हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद पेसा कानून लागू नहीं किया जा रहा है, बल्कि पेसा के नाम पर तमाशा खड़ा कर रहे हैं. कई गुट आदिवासी समाज को दिग्भ्रमित कर रहे हैं. युवा नेता विश्वनाथ भगत ने कहा कि टीएसी (जनजातीय परामर्शदात्री परिषद) संवैधानिक संस्था है. जिसे हेमन्त सोरेन सरकार अपने निजी स्वार्थ के लिए प्रत्यक्ष हस्तक्षेप कर टीएसी के मूल रूप को खत्म कर रहे हैं यह अनुचित है .महिला नेत्री अंजू देवी ने कहा कि आदिवासी महिला को गैर आदिवासी लोगों द्वारा षडयंत्र के तहत फंसाया जाता है और आदिवासी जमीन को लूटना, आदिवासी महिला का दोहन करना ही मकसद रहता है. यह मामला झारखंड में दिनों दिन बढ़ता जा रहा है. इस मामले पर हेमन्त सोरेन को विधि सम्मत तत्काल कार्रवाई करना चाहिए. लक्ष्मी नारायण भगत जिला राजी पड़हा वेल ने कहा कि हेमन्त सोरेन झारखंड के आदिवासियों की जमीन लूट को बढ़ावा दे रहें हैं. सादा पट्टा पर आदिवासी जमीन हड़पी जा रही है. बैठक में सामूहिक निर्णय लिया गया कि आदिवासियों के संवैधानिक अधिकार एवं आदिवासियों के जल जंगल जमीन की रक्षा के लिए प्रखंडवार धरना-प्रदर्शन किया जायेगा और बीडीओ और उपायुक्त लोहरदगा के माध्यम से महामहिम राज्यपाल झारखंड को ज्ञापन सौंपा जायेगा. इसके तहत भंडरा में 25 फरवरी, लोहरदगा में 28 फरवरी, किस्को में 4 मार्च, पेशरार में 8 मार्च, कैरो में 12 मार्च,कुड़ू में 20 मार्च, सेन्हा में 24 मार्च 2025 को तथा समाहरणालय मैदान लोहरदगा में 28 मार्च 2025 को धरना-प्रदर्शन कर महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जायेगा. बैठक में अरविंद उरांव, लक्ष्मी नारायण भगत, वीरेन्द्र उरांव, गोसाई उरांव, विश्वनाथ भगत, राजू उरांव, मुकेश कुमार, अंजू देवी, सतीश भगत, मनोज उरांव सहित अन्य मुख्य रूप से उपस्थित थे.
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