लोहरदगा नगर परिषद चुनाव में सरगर्मी तेज, वादों की झड़ी और असमंजस में मतदाता

लोहरदगा नगर परिषद चुनाव में सरगर्मी तेज, वादों की झड़ी और असमंजस में मतदाता

लोहरदगा़ नगर परिषद चुनाव को लेकर शहर में राजनीतिक पारा चढ़ गया है. विभिन्न वार्डों के उम्मीदवारों ने जनसंपर्क अभियान को धार देते हुए घर-घर जाकर समर्थन मांगना शुरू कर दिया है. विशेषकर अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों के बीच मुकाबला बेहद रोचक और कड़ा होता जा रहा है. पार्टी समर्थित चेहरे और अपनों से बगावत : हालांकि, यह चुनाव आधिकारिक तौर पर दलगत आधार पर नहीं हो रहा है, फिर भी राजनीतिक दलों की सक्रियता खुलकर सामने आ गयी है. भाजपा समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में पूर्व मुख्यमंत्री सहित कई दिग्गज नेता लोहरदगा का दौरा कर चुके हैं. अन्य दलों के बड़े नेता भले ही मंच पर सीधे नहीं दिख रहे, लेकिन उम्मीदवारों को अपने फोटो के इस्तेमाल की मौन स्वीकृति दे दी है. दिलचस्प बात यह है कि कई नेता अपनी ही पार्टी से बगावत कर निर्दलीय मैदान में उतर गये हैं, जिससे संगठन की एकता प्रभावित हो रही है और मतदाता असमंजस में हैं. प्रचार का अनोखा रंग और लुभावने वादे : नगर क्षेत्र में पोस्टर, बैनर और रोड शो के जरिये प्रचार चरम पर है. कुछ उम्मीदवारों ने भोजपुरी गानों की धुन पर प्रचार शुरू किया है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है. चुनाव के इस ””””त्योहार”””” में दावतों और उपहारों का सिलसिला भी जारी है; कहीं सुखा अनाज तो कहीं अन्य सामग्री पहुंचायी जा रही है. उम्मीदवार फिलहाल जनता के बीच अत्यधिक व्यवहार कुशल नजर आ रहे हैं और आशीर्वाद लेने-देने का दौर चल रहा है. जमीनी समस्याएं और जनता की खामोशी : इतने शोर-शराबे के बीच लोहरदगा का आम मतदाता खामोश है. जनता के लिए आज भी साफ-सफाई, पेयजल, जर्जर सड़कें और जल निकासी सबसे बड़े मुद्दे हैं. नागरिकों का सवाल है कि बड़े-बड़े रसूखदार नेताओं के होने के बावजूद शहर में आज तक एक सुव्यवस्थित बस पड़ाव क्यों नहीं बन सका? नगर परिषद के कई इलाकों में अब तक पाइपलाइन नहीं बिछी है, जिसका जवाब मतदाता इस चुनाव में तलाश रहे हैं.

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