जेठ जतरा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और सामूहिक एकता का जीवंत प्रतीक है : सुखैर भगत

जेठ जतरा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और सामूहिक एकता का जीवंत प्रतीक है : सुखैर भगत

लोहरदगा़ सेन्हा थाना क्षेत्र के भड़गांव पंचायत अंतर्गत डोका एवं करमटोली गांव के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को भव्य जेठ जतरा का आयोजन किया गया. इस मौके पर आसपास के दर्जनों गांवों से आये जतरा खोड़ा दल पारंपरिक वेशभूषा में ढोल, मांदर एवं नगाड़ों की थाप पर थिरकते पहुंचे, जिससे पूरा क्षेत्र उत्सव के रंग में सराबोर हो उठा. काठ घोड़ा रहा मुख्य आकर्षण : कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखैर भगत, सोशल मीडिया प्रभारी प्रकाश उरांव और प्रखंड अध्यक्ष सह मुखिया अनिल उरांव शामिल हुए. अतिथियों का स्वागत पारंपरिक रीति-रिवाज से अक्षत और तिलक लगाकर किया गया. इस दौरान धार्मिक आस्था के प्रतीक काठ घोड़ा का विशेष महत्व दिखा. ग्रामीणों ने अत्यंत श्रद्धा के साथ अतिथियों को काठ घोड़े पर विराजमान कर पूरे जतरा स्थल का भ्रमण कराया. समाज में इसे शक्ति और संरक्षण का प्रतीक माना जाता है. हमारे पूर्वजों ने प्रकृति को ईश्वर माना है : जनसमूह को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुखैर भगत ने कहा कि जेठ जतरा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और सामूहिक एकता का जीवंत प्रतीक है. यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और अच्छी फसल व सुख-समृद्धि की कामना का संदेश देता है. हमारे पूर्वजों ने प्रकृति को ईश्वर माना है और आज की पीढ़ी को भी अपनी जड़ों से जुड़े रहना चाहिए. भक्ति और नृत्य का संगम : जतरा के दौरान सरना स्थल पर प्रकृति की विशेष पूजा-अर्चना की गयी. ढोल-नगाड़ों की धुन पर ग्रामीणों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर संस्कृति की अनुपम छटा बिखेरी. मौके पर ग्राम प्रधान नारायण भगत, सेराज अंसारी, गोपाल साहू, मुनेश्वर उरांव, महावीर भगत, सुरेश भगत सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.

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Published by: Shailesh ambashtha

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