किस्को़ लघु सिंचाई प्रमंडल द्वारा पोगड़ो बांध से कैलाश उरांव के घर तक 21.35 लाख रुपये की लागत से बन रही 400 मीटर पीसीसी सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गयी है. संवेदक दिलीप साहू की लापरवाही और मनमानी के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है. हादसे को दावत दे रहा गड्ढा : ग्रामीणों का आरोप है कि पुल निर्माण के लिए बीच सड़क पर गहरा गड्ढा खोदकर छोड़ दिया गया है, जिसमें बारिश का पानी भरने से बच्चों के डूबने का खतरा बना है. संवेदक ने आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्ता (डायवर्सन) भी नहीं बनाया, जिससे गांव का संपर्क पूरी तरह कट गया है. वाहन नहीं आने से किसानों को अपनी सब्जी बाजार ले जाने और बच्चों को स्कूल जाने में भारी परेशानी हो रही है. घटिया निर्माण की खुली पोल : हैरानी की बात यह है कि संवेदक ने एक पुराने टूटे हुए पुल को बिना तोड़े ही उसके ऊपर पीसीसी सड़क ढाल दी है, जो कभी भी धंस सकती है. निर्माण के महज एक माह के भीतर ही सड़क पर दरारें पड़ गयी हैं. मौके पर अनसाइज पत्थर सड़क पर बिखरे पड़े हैं. मुखिया जतरु उरांव और ग्रामीणों ने मामले की जांच कर दोषी संवेदक पर कार्रवाई करने, पुल का पुनर्निर्माण कराने और तत्काल वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था करने की मांग की है. मौके पर ठकरु, पंचम, मानबीर, सुखदेव व अन्य ग्रामीण उपस्थित थे. इस संबंध में पूछे जाने पर बीडीओ अरुण उरांव ने कहा कि सड़क की जांच कर रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपी जायेगी.
पोगड़ो में पीसीसी पथ निर्माण में भारी अनियमितता, ग्रामीणों में आक्रोश
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