फैसले की घड़ी आज, प्रत्याशियों की बढ़ी धड़कनें और जोड़-घटाव का दौर

फैसले की घड़ी आज, प्रत्याशियों की बढ़ी धड़कनें और जोड़-घटाव का दौर

लोहरदगा़ आज नगर निकाय चुनाव के फैसले की घड़ी है. वार्ड पार्षद से लेकर अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होना है. मतदान के बाद से ही प्रत्याशियों की नींद उड़ी हुई है और समय जोड़-घटाव, पूजा-पाठ और दुआओं के बीच बीता. अब हार-जीत के कयासों के बीच प्रत्याशियों के दिलों की धड़कनें तेज हैं. अध्यक्ष पद पर दो उम्मीदवारों के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है और दोनों ही खेमों में विजय जुलूस की तैयारियां पूरी हैं. हालांकि, चर्चा यह भी है कि एक राष्ट्रीय पार्टी समर्थित उम्मीदवार को अपनों की ही भितरघात से नुकसान उठाना पड़ सकता है, जिसकी शिकायत साक्ष्यों के साथ प्रदेश नेतृत्व तक पहुंच चुकी है. चुनावी गलियारों में कुछ प्रत्याशी अभी से अपनी हार की भूमिका बांधने लगे हैं. कोई जनता का दिल जीतने का दावा कर रहा है, तो कोई चुनाव लड़ने का मकसद केवल विपक्ष को हराना बता रहा है. बैलेट पेपर से हुए चुनाव पर भी रोचक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं. कुछ लोग इसे आधुनिक युग में पीछे लौटने जैसा बता रहे हैं, तो कुछ इसमें साजिश की बू सूंघ रहे हैं. पर्दे के पीछे चुनावी बिसात बिछाने वाले रणनीतिकार भी अपनी चालों की सफलता को लेकर सशंकित हैं. दलीलें दी जा रही हैं कि चुनाव दलगत न होने के कारण खुलकर काम नहीं किया गया, वरना नतीजे कुछ और होते. बहरहाल, जनता ने अपना फैसला मतपेटियों में बंद कर दिया है. अब चुनावी बौखलाहट और बेचैनी से इतर पब्लिक के जनादेश को स्वीकार करना ही होगा.

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By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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