पीसीसी सड़क निर्माण में भारी लापरवाही, टूटे पुल पर ही बिछा दी कंक्रीट

पीसीसी सड़क निर्माण में भारी लापरवाही, टूटे पुल पर ही बिछा दी कंक्रीट

किस्को़ झारखंड सरकार की लघु सिंचाई प्रमंडल योजना के तहत पोगड़ो बांध से कैलाश उरांव के घर तक बनायी जा रही पीसीसी सड़क में संवेदक की बड़ी मनमानी सामने आयी है. 21.35 लाख रुपये की लागत से बनने वाली इस 400 मीटर लंबी सड़क के निर्माण में तकनीकी मानकों को ताक पर रख दिया गया है. ग्रामीणों का आरोप है कि संवेदक दिलीप साहू ने रास्ते में स्थित पुराने और टूटे हुए पुल को बिना तोड़े या मरम्मत किये ही उसके ऊपर पीसीसी सड़क बना दी. वहीं, कई जगहों पर पुल का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है. स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि वे वर्षों से इस सड़क की मांग कर रहे थे ताकि कीचड़ और पत्थरों से निजात मिल सके. मुखिया और ग्रामीणों के प्रयास से सड़क तो स्वीकृत हुई, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता ने उनकी चिंता बढ़ा दी है. ग्रामीणों का कहना है कि टूटे पुल के ऊपर पीसीसी डालने से सड़क कभी भी धंस सकती है, जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका है. नियमतः पुलिया का लेवल तय होने के बाद ही सड़क का अंतिम कार्य होना चाहिए था. यदि भविष्य में पुल को तोड़ने की नौबत आयी, तो नयी बनी सड़क भी बर्बाद हो जायेगी. ग्रामीणों ने सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए लघु सिंचाई प्रमंडल, लोहरदगा से जांच की मांग की है. उन्होंने दोषी संवेदक पर कार्रवाई करने और पुल का सही तरीके से पुनर्निर्माण कराने की मांग की है ताकि जनता के पैसे का सही सदुपयोग हो सके. जहां आवश्यकता होगी, वहीं पुल बनाया जायेगा : इस मामले पर कनीय अभियंता (जेइ) अनुज मिंज का कहना है कि उक्त सड़क पर दो पुलों का निर्माण किया जाना है. ग्रामीणों की मांग के अनुसार जहां अधिक आवश्यकता होगी, वहीं पुल निर्माण कराया जायेगा. यदि जरूरत पड़ी, तो सड़क को तोड़कर भी पुल का निर्माण किया जायेगा.

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By SHAILESH AMBASHTHA

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