फाइलेरिया मुक्ति और आंगनबाड़ियों की निगरानी पर जोर

फाइलेरिया मुक्ति और आंगनबाड़ियों की निगरानी पर जोर

लोहरदगा़ उपायुक्त डॉ ताराचंद की अध्यक्षता में सोमवार को पंचायत कर गोइठ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में जिले के सभी मुखिया और पंचायत सचिव शामिल हुए. उपायुक्त ने हाल ही में हुई बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान पर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लिया है, वे फसल क्षति के मुआवजे के लिए तत्काल टॉल फ्री नंबर 14447 पर अपनी शिकायत दर्ज करायें. फाइलेरिया मुक्ति अभियान का आखिरी चरण : डीसी ने जानकारी दी कि मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम 25 मार्च तक संचालित है. उन्होंने मुखियाओं को निर्देश दिया कि जिन पंचायतों में अब भी लोग फाइलेरिया और कृमिनाशक दवा की खुराक से वंचित हैं, उन्हें अगले दो दिनों में अनिवार्य रूप से दवा खिलाना सुनिश्चित करें. साथ ही, उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन और शिक्षा मिल सके. त्योहारों पर सांप्रदायिक सौहार्द्र की अपील : सरहुल और ईद के शांतिपूर्ण संपन्न होने पर आभार जताते हुए उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान सप्ताह चैती छठ और रामनवमी जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों का है. उन्होंने मुखियाओं से अपील की कि वे अपने क्षेत्रों में अभिभावक की भूमिका निभायें और प्रशासन के साथ मिलकर सांप्रदायिक सौहार्द्र बनाये रखें. किसी भी अप्रिय स्थिति में तत्काल सूचना साझा करें. सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार : बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले को डायन प्रथा और बाल विवाह जैसी कुरीतियों से मुक्त करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि इन सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जागरूकता फैलाना और सूचना देना हर नागरिक की जिम्मेदारी है. कार्यक्रम में अपर समाहर्ता जितेंद्र मुंडा, आइटीडीए निदेशक सुषमा नीलम सोरेंग, जिला पंचायत राज पदाधिकारी अंजना दास समेत कई जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.

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Published by: Shailesh ambashtha

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