कुड़ू में हाथियों का आतंक जारी, एक दर्जन से अधिक मकान क्षतिग्रस्त

झारखंड के लोहरदगा जिले के कुड़ू प्रखंड में हाथियों का झुंड लगातार तांडव मचा रहा है

प्रतिनिधि, कुड़ू झारखंड के लोहरदगा जिले के कुड़ू प्रखंड में हाथियों का झुंड लगातार तांडव मचा रहा है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. शनिवार रात को कोकर पतराटोली में उत्पात मचाने के बाद, 14 हाथियों का झुंड रविवार रात उडुमुड़ू पंचायत के बडमारा घाटी टोला और चडरा गांव में घुस गया. इस दौरान हाथियों ने छह से अधिक मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया और खेतों में लगी फसलों को बुरी तरह रौंद दिया. वन विभाग हाथियों के झुंड को सुरक्षित कॉरिडोर में पहुंचाने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है, जिससे ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है.

शनिवार रात से जारी है उत्पात

बताया जाता है कि शनिवार रात को चंदलासो पंचायत के कोकर पतराटोली गांव में भी इसी 14 हाथियों के झुंड ने जमकर तांडव मचाया था. उस रात भी आधा दर्जन से अधिक मकानों को क्षतिग्रस्त किया गया था और घरों में रखे धान, चावल व टमाटर को नष्ट कर दिया गया था. हाथियों के हमले के बाद दीवार गिरने से एक महिला और एक लड़की को चोटें भी आयी थीं. ग्रामीणों ने किसी तरह हाथियों के झुंड को भगाया था.

रविवार रात घाटी टोला और चडरा में कहर

हाथियों का झुंड रविवार रात को कुड़ू प्रखंड के उडुमुड़ू पंचायत के बडमारा घाटी टोला पहुंचा. यहां बहादुर उरांव के मकान को क्षतिग्रस्त करते हुए मकान में रखा धान और चावल खा गये व नष्ट कर दिया. ग्रामीणों ने जब हाथियों के झुंड को घाटी टोला से खदेड़ा, तो हाथी उग्र हो गये और चडरा गांव जा पहुंचे. चडरा गांव में हाथियों ने सोमारी उरांव, धुनिया उरांव, अर्जुन उरांव, गोवर्धन उरांव, बलराम भगत और एक अन्य मकान को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया. मकानों में रखा अनाज भी हाथियों ने खा लिया. जब ग्रामीणों ने फिर से हाथियों को गांव से खदेड़ने की कोशिश की, तो झुंड खेतों की तरफ चला गया और खेत में लगी मक्का, टमाटर, खीरा और अन्य फसलों को रौंद दिया.

ग्रामीणों में दहशत और वन विभाग पर सवाल

हाथियों का झुंड काफी आक्रोशित था, और जो भी उन्हें भगाने के लिए आगे आता था. हाथी ग्रामीणों को ही दौड़ाने लगते थे. हाथियों के रौद्र रूप को देखकर ग्रामीण काफी दहशत में आ गये थे. किसी तरह देर रात लगभग दो बजे हाथियों का झुंड चडरा से खेतों की तरफ होते हुए बडमारा पहाड़ में चला गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली. हालांकि, ग्रामीणों में इस बात को लेकर भय बना हुआ है कि कहीं रात में पुनः हाथियों का झुंड गांव में न पहुंच जाये. ग्रामीणों का आरोप है कि हाथियों को भगाने और उन्हें सुरक्षित कॉरिडोर में पहुंचाने को लेकर वन विभाग पूरी तरह निष्क्रिय बना हुआ है. दिन-ब-दिन प्रखंड क्षेत्र में हाथियों का तांडव बढ़ता ही जा रहा है और वन विभाग की इस उदासीनता से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है.

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Published by: Deepak

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