अस्पताल में डॉक्टर नदारद, इलाज के अभाव में घायल ग्रामीण की मौत

अस्पताल में डॉक्टर नदारद, इलाज के अभाव में घायल ग्रामीण की मौत

लोहरदगा़ भंडरा-लोहरदगा मुख्य पथ स्थित सेगरा टोली के समीप शनिवार शाम अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मुकुंदा गांव निवासी बिगवा उरांव गंभीर रूप से घायल हो गये थे. परिजन उन्हें इलाज के लिए आनन-फानन में भंडरा स्वास्थ्य केंद्र ले गये, लेकिन वहां आधे घंटे तक एक भी स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नहीं था. समय पर प्राथमिक उपचार नहीं मिल पाने के कारण बिगवा उरांव की मौत हो गयी. अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही बर्दाश्त नहीं : सांसद : इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत को मामले से अवगत कराते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की. सांसद ने इसे अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही और संवेदनहीनता करार देते हुए कहा कि इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. उनके निर्देश पर निजी सचिव आलोक कुमार साहू ने उपायुक्त और सिविल सर्जन को मामले की जानकारी देकर जांच की मांग की है. अधिकारियों ने मामले में त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है. दावों और हकीकत में भारी अंतर : भंडरा स्वास्थ्य केंद्र की लचर व्यवस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस केंद्र की तारीफ एक सप्ताह पूर्व स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने की थी, वह कल रात पूरी तरह वीरान था. मंत्री ने इसे निजी अस्पतालों से बेहतर बताते हुए तमाम सुविधाएं होने का दावा किया था, लेकिन हकीकत में वहां एक कर्मी तक नहीं मिला. लोहरदगा में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बद से बदतर हो गयी है, जहां कागजी दावों के बीच आम आदमी अपनी जान गंवाने को मजबूर है.

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Published by: Shailesh ambashtha

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