ईसाई धर्म अपना चुके सात आदिवासी परिवारों ने की स्वेच्छा से घर वापसी

ईसाई धर्म अपना चुके सात आदिवासी परिवारों ने की स्वेच्छा से घर वापसी

भंडरा. भंडरा प्रखंड अंतर्गत अंबेरा गांव में धर्म वापसी”””””””” का एक महत्वपूर्ण आयोजन संपन्न हुआ. लगभग दो वर्ष पूर्व ईसाई धर्म अपना चुके सात आदिवासी परिवारों ने स्वेच्छा से पुनः अपने मूल आदिवासी धर्म में वापसी की. इस अवसर पर गांव में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विशेष अनुष्ठान आयोजित किया गया. जानकारी के अनुसार करीब दो साल पहले गांव के ही एक दंपती ने इन परिवारों को बीमारी ठीक होने का लालच और चमत्कार का झांसा देकर ईसाई धर्म में परिवर्तित करवा दिया था. लेकिन समय बीतने के साथ इन परिवारों को अपनी जड़ों और संस्कृति से दूर होने का अहसास हुआ. इसके बाद उन्होंने अपने पूर्वजों के धर्म में वापस लौटने का निर्णय लिया.

पारंपरिक विधि से कराया गया शुद्धिकरण

घर वापसी को विधिवत संपन्न कराने के लिए गांव में पारंपरिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया. पहान विद्यासागर उरांव, पुजार तिवारी उरांव और महतो संदीप उरांव ने आदिवासी रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना कराई. इन परिवारों को पारंपरिक विधि से शुद्धिकरण कराने के बाद पुनः समाज की मुख्यधारा और अपनी संस्कृति से जोड़ा गया.इस अभियान को सफल बनाने में विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री भीम नाथ शाहदेव के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों की अहम भूमिका रही. सहयोग देने वालों में मुख्य रूप से बुध मनिया उरांव, मोहन उरांव, रजनी उरांव, प्रकाश उरांव, कामेश्वर उरांव, विमला उरांव, बबीता उरांव और मनु उरांव सहित कई अन्य ग्रामीण शामिल थे. ग्रामीणों ने कहा कि यह पहल आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपरा को संरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.पूरे आयोजन के दौरान गांव में सौहार्दपूर्ण माहौल रहा.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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