केंद्र सरकार के नये कानून से मजदूरों का होगा पलायन और बेरोजगारी में होगी वृद्धि : सांसद

केंद्र सरकार के नये कानून से मजदूरों का होगा पलायन और बेरोजगारी में होगी वृद्धि : सांसद

लोहरदगा़ सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र सरकार की नीतियों पर प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने काम के अधिकार की रक्षा के लिए पांच जनवरी से राष्ट्रव्यापी ””””मनरेगा बचाओ संग्राम”””” का बिगुल फूंक दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा में सुधार के नाम पर ग्रामीण भारत से काम, सम्मान और पंचायतों का लोकतांत्रिक अधिकार छीनने की साजिश रच रही है. सांसद ने कहा कि 2005 में यूपीए सरकार द्वारा लागू मनरेगा एक अधिकार आधारित कानून है, जो प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 100 दिन के रोजगार की वैधानिक गारंटी देता है. लेकिन नये वीबी-जी राम जी कानून के माध्यम से केंद्र सरकार अब मजदूरी का केवल 60 प्रतिशत हिस्सा ही देगी, जबकि 40 प्रतिशत का बोझ राज्यों पर थोप दिया गया है. इससे बेरोजगारी बढ़ेगी और न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान होने के कारण मजदूरों का बड़े पैमाने पर पलायन होगा. श्री भगत ने चिंता जताते हुए कहा कि इस बदलाव से महिलाओं की भागीदारी घटेगी और सबसे अधिक प्रभाव आदिवासी व दलित परिवारों पर पड़ेगा. पंचायतों की स्वायत्तता खत्म हो जायेगी और वे केवल एक एजेंसी बनकर रह जायेंगी. गांवों में परिसंपत्तियां बनाने और निर्णय लेने का अधिकार भी समाप्त हो जायेगा. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या की थी, आज केंद्र सरकार गांधी जी के नाम पर चल रही इस जनकल्याणकारी योजना की हत्या की है.

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By SHAILESH AMBASHTHA

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