एक देश दो विधान, दो प्रधान और दो निशान के प्रबल विरोधी डॉ मुखर्जी की पुण्यतिथि मनायी

एक देश दो विधान, दो प्रधान और दो निशान के प्रबल विरोधी डॉ मुखर्जी की पुण्यतिथि मनायी

कैरो़ प्रखंड क्षेत्र के सढ़ाबे पंचायत में सोमवार को कैरो प्रखंड भाजपा के कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 72वीं पुण्यतिथि प्रखंड के सभी शक्ति केंद्रों में मनायी गयी. प्रखंड के सढ़ाबे शक्ति केंद्र में प्रखंड अध्यक्ष राजेंद्र महतो, पूर्व प्रखंड अध्यक्ष लखन उरांव समेत उपस्थित भाजपाइयों ने डॉ मुखर्जी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उन्हें नमन किया. इस मौके पर उनकी जीवनी पर प्रकाश डालते हुए प्रखंड अध्यक्ष राजेंद्र महतो ने कहा कि भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक विख्यात बैरिस्टर, महान शिक्षाविद, कुशल राजनीतिज्ञ के साथ-साथ राज्य और केंद्र सरकार के नेहरू मंत्रीमंडल में उद्योग मंत्री रह कर देश में उद्योग-धंधों का जाल बिछाया़ जिसमें झारखंड के सिंदरी में खाद कारखाना डॉ मुखर्जी की ही देन है. पूर्व प्रखंड अध्यक्ष लखन उरांव ने कहा कि डॉ मुखर्जी एक प्रखर राष्ट्रवाद के साथ ही एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान के सदा विरोधी रहें. आज ही के दिन 23 जून 1953 को कश्मीर में पुलिस अभिरक्षा में उनकी रहस्यमय मौत हुई जो उस समय के कांग्रेस नीत नेहरू के नेतृत्व वाली सरकार ने उनकी मौत की जांच कराना भी उचित नहीं समझा. इस प्रकार डॉ मुखर्जी की मौत पर पर्दा आज भी करोड़ों देश वासियों के समक्ष एक प्रश्न चिन्ह बनकर रह गया है. मौके पर प्रखंड अध्यक्ष राजेंद्र महतो, पूर्व प्रखंड अध्यक्ष लखन उरांव, सुरेश यादव, सुपौल उरांव, रविंद्र यादव, तुलसी साहू, मोहन साहू, गोविंद महतो समेत अन्य उपस्थित थे.

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Published by: Shailesh ambashtha

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