पारंपारिक स्वशासन पड़हा के तहत पत्थरगड़ी कार्यक्रम का वर्षगांठ मनाया गया

पारंपारिक स्वशासन पड़हा के तहत पत्थरगड़ी कार्यक्रम का वर्षगांठ मनाया गया

सेन्हा़ स्वशासन पड़हा व्यवस्था के तहत प्रथम वर्षगांठ का आयोजन 15 पड़हा गढ़कसमार के द्वारा आयोजित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता अलौदी पंचायत के उपमुखिया सह व्यवस्थापक गोपाल उरांव के द्वारा किया गया.उन्होंने कहा कि पारंपरिक स्वशासन पड़हा व्यवस्था के तहत पत्थरगड़ी कार्यक्रम का प्रथम वर्षगांठ मनाया जा रहा है. स्वशासन पड़हा व्यवस्था के माध्यम से समाजिक परम्परा और आदिवासी समाज के सरना,मसना भुईहरि जैसे धर्मिक स्थलों को संजोने के साथ समाज को जागरूक करना और नशापान से दूर होंने तथा शादी विवाह और पर्व त्यौहार में सामाजिक रीति रिवाज को कायम रखने के लिये पत्थरगड़ी कर क्षेत्र का सीमांकन पड़हा समाज के पूर्वजों द्वारा पूर्व में किया जाता था.जो बीच मे किसी कारण से पहल नही किया जा रहा था.जिसे पुनः समाज के बीच लागू कर अपनी संस्कृति एवं परंपरा को कायम करना ही इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है. प्रथम वर्षगांठ आदिवासी रीति रिवाज अनुसार पहान पुजार व महतो तथा कोटवार के द्वारा विधि विधान से पूजा अर्चना कर धूम धाम से प्रथम वर्षगांठ मनाया गया.मौके पर मुख्य रूप से जिला परिषद सदस्य राधा तिर्की के अलावे 15 पड़हा गढ़कसमार बेल के अंतर्गत सभी गांवों से आदिवासी समुदाय के लोग उपस्थित थे. कार्यक्रम व्यवस्थापक सह उप मुखिया गोपाल उरांव कुलेश्वर उरांव,पहान सुकरा उरांव, भुखला उरांव,बिगन खेरवार,चमरा मुंडा,लक्ष्मण टाना भगत,जयराम उरांव,पुजार विश्वनाथ प्रधान,भोला उरांव,बुधराम उरांव,शनिराम उरांव, जिला पड़हा संयोजक बिनोद भगत, बेल विजय उरांव,उप बेल शिवशंकर टाना भगत,दीवान संजीव भगत,उप दिवान जतरु उरांव 15 पड़हा गढ़कसमार के संयोजक रामचन्द्र उरांव,बेल बलराम उरांव,दिवान दहरु पहान,मसौधी रामजीत उरांव, कोटवार लक्ष्मण टाना भगत सहित आदिवासी समाज के गणमान्य एवं विभिन्न पड़हा ग्राम से आये महिला पुरुष शामिल थे.

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Published by: Shailesh ambashtha

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