शिक्षा मंत्री गीताश्री उरांव ने कहा
लोहरदगा : मैना बगीचा में वीर बुद्धू भगत जयंती समारोह सह जतरा का भव्य आयोजन किया गया. मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री गीताश्री उरांव ने कहा कि लरका आंदोलन के प्रणोता वीर बुद्धू भगत की कुरबानी को याद करके हम प्रेरणा ग्रहण करते हैं. उन्होंने जंगल, जमीन, आत्म सम्मान एवं स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपनी कुरबानी दे दी.
हमारे अगुवाओं ने अंगरेजों को घुटने टेकने पर मजबूर किया. उन्होंने कहा कि मैं सूबे की मंत्री हूं. मुङो जिस तरह की जिम्मेवारी दी गयी है, वह महत्वपूर्ण है. शिक्षा और खेल जीवन के महत्वपूर्ण हिस्से हैं. शिक्षा से विकास के बहुत सारे द्वार खुलते हैं. राज्य में शिक्षा को पूरी प्राथमिकता मिले और राज्यवासियों का जो हक है, वह उन्हें मिले. राज्य की कला, संस्कृति कितनी समृद्ध है यह हम सब जानते हैं. फुटबॉल, हॉकी, तीरंदाजी, हमारे परंपरागत खेल हैं.
एसटी आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि वीर बुद्धू भगत को हमलोग शहीद की श्रेणी में रखते हैं. उन्होंने शोषण व अत्याचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी. डॉ उरांव ने कहा कि झारखंड में सरकारें आती और जाती रही, लेकिन आदिवासियों की स्थिति में कुछ ज्यादा बदलाव नहीं आया. रांची के सांसद सुबोध कांत सहाय ने कहा कि वीर बुद्धू भगत की जीवन से हमें प्रेरणा लेने की आवश्यकता है. आयोजन समिति के मुख्य संरक्षक सह प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुखदेव भगत दिल्ली में थे और उन्होंने दिल्ली से ही अपना भाषण दिया.
अतिथियों का स्वागत सुखदेव भगत की धर्मपत्नि अनुपमा भगत ने किया. स्वागत भाषण आलोक कुमार साहू ने दिया. कार्यक्रम का शुभारंभ पहान पुजार के द्वारा प्रार्थना एवं वीर बुद्धू भगत की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद दीप प्रज्जवलित कर किया गया.
ये थे उपस्थित
मौके पर डीसी परमजीत कौर, एसपी मृत्युजंय कुमार, एसी बदरीनाथ चौबे, एसडीओ अखौरी शशांक सिंहा, सिविल सजर्न डॉ एमएम सेन गुप्ता, सीओ महेन्द्र कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी ओम प्रकाश, भिखराम उरांव, मुकेश कुमार मंडल, संजय कुमार, नवा बिहान जिला साक्षरता समिति के राजेन्द्र उरांव, समीद अंसारी, मुकेश गुप्ता, सूरज उरांव, जीतराम उरांव, विनोद गोप, रघुनाथ यादव, सीताराम उरांव, अनुज कुमार उरांव, कांग्रेस जिला अध्यक्ष साबीर खान, हरि नारायण प्रसाद, अनुपमा भगत, सीपी भगत, मोहन दुबे, प्रभात भगत, सुखदेव उरांव, कुनाल अभिषेक, वारिस कुरैसी, नेसार अहमद, रामगति गुप्ता, शाहीद अहमद बेलु, माजिद अहमद माजू, खलील अंसारी आदि मौजूद थे.
