लोहरदगा़ : लोहरदगा जिले में पिछले दिनों आयी आंधी-बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है. बारिश के बीच ओला गिरने से किसानों के खेतों में लगी सब्जियां बरबाद हो गयी़ ग्रामीण इलाके में कई घरों के छप्पर उखड़ गये हैं. जिनके घर के छप्पर उजड़ गये, उनके समथ आशियाने की समस्या उत्पन्न हो गयी है़ आंधी-तूफान के कारण बिजली के दर्जनों खंभे उखड़ गये हैं. कई गांव से बिजली आपूर्ति अब तक बहाल नहीं हो पायी है़
फसल बरबाद होने पर सेन्हा प्रखंड के दर्जनों गांव के किसानों ने अंचल कार्यालय में आवेदन देकर सरकार से मुआवजे की मांग की है. किसानों का कहना है कि किसी तरह उधार लेकर खेती की थी, लेकिन बेमौसम बरसात एवं ओला ने सब कुछ बरबाद कर दिया. सेन्हा प्रखंड के चुरवे गांव के किसान रामकिशुन भगत का कहना है कि गांव के किसानों ने बोदी, टमाटर, गोभी व खीरा की खेती की थी. ओला से सब कुछ बरबाद हो गया़
रामकिशुन का कहना है कि तूफान ने कई घरों का छप्पर उखड़ गये़ किस्को प्रखंड के गांवों में भी आंधी-पानी में नुकसान हुआ है. खेतों में लगी सब्जियां नष्ट हो गयी. कई घरों के छप्पर उखड़ गये हैं. किस्को प्रखंड के मुरमू गांव में पिछले दिनों वज्रपात से चार लोगों की मौत हो गयी थी, जबकि आठ लोग इसकी चपेट में आ गये थे़ जिला प्रशासन ने त्वरित कारवाई करते हुए सभी मृतक के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की मुआवजा राशि उपलब्ध करायी़
