आश्वासन दिये गुजरे पांच साल

कुड़ू (लोहरदगा) : कुड़ू प्रखंड से करीब 22 किमी की दूरी पर तीन पहाड़ों की तराई में बसा है कुड़ू पंचायत का चूल्हापानी गांव़ आजादी के 69 वर्ष बीत जाने के बाद भी गांव के लोग ढिबरी युग में जीने को विवश है. गांव में मूलभूत सुविधा के नाम पर कोई व्यवस्था नहीं है. 14 […]

कुड़ू (लोहरदगा) : कुड़ू प्रखंड से करीब 22 किमी की दूरी पर तीन पहाड़ों की तराई में बसा है कुड़ू पंचायत का चूल्हापानी गांव़ आजादी के 69 वर्ष बीत जाने के बाद भी गांव के लोग ढिबरी युग में जीने को विवश है. गांव में मूलभूत सुविधा के नाम पर कोई व्यवस्था नहीं है. 14 वर्ष से राज्य के मानचित्र पटल पर आनेवाला चूल्हापानी गांव खाद्य आपूर्ति सह सार्वजनिक वितरण उपभोक्ता मामले के मंत्री सरयू राय के कारण सुर्खियों में है. प्रत्येक वर्ष गंगा-दशहरा के मौके पर मंत्री चूल्हापानी गांव जाते हैं़ ग्रामीणों को आश्वासन देकर लौट जाते हैं. गांव की स्थिति ऐसी है कि गांव जाने के लिए न तो सड़क है न पीने का पानी. बरसात के तीन माह गांव टापू बन जाता है.
2006 में आया था प्रशासनिक अमला
विधायकी कार्यकाल में सरयू राय द्वारा विधानसभा में इस मामले को उठाया गया़ इसके बाद वर्ष 2006 में लोहरदगा के तत्कालीन उपायुक्त अाराधना पटनायक एवं लातेहार के तत्कालीन उपायुक्त केके सोन ने दोनों जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर चूल्हापानी गांव गये थे. गांव की सुंदरता देख पर्यटन स्थल बनाने की घोषणा हुई. दोनों का स्थानांतरण होते ही मामला ठंडे बस्ते में चला गया.
गांव का होगा विकास : बीडीओ
बीडीअो महेंद्र छोटन उरांव ने बताया कि गांव का विकास होगा, सड़क निर्माण के लिए वन विभाग में अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए पत्र भेजा गया है.

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