साले ने की थी सैनिक की हत्या

लोहरदगा में 31 मई की रात सेना के जवान कृष्णा गोप की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर लिया है़ पुलिस के हत्या के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है़ इसमें एक उसका मौसेरा साला है़ पैसे नहीं देने की वजह से ही सैनिक की हत्या की थी़ पूछताछ के बाद तीनों को […]

लोहरदगा में 31 मई की रात सेना के जवान कृष्णा गोप की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर लिया है़ पुलिस के हत्या के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है़ इसमें एक उसका मौसेरा साला है़ पैसे नहीं देने की वजह से ही सैनिक की हत्या की थी़ पूछताछ के बाद तीनों को जेल भेज दिया गया़
लोहरदगा : लोहरदगा शहरी क्षेत्र के छत्तरबगीचा में 31 मई की रात सेना के जवान कृष्णा गोप (पिता स्व छदन गोप, ग्राम मुरपा, थाना सेन्हा, जिला लोहरदगा) की हत्या के मामले को सुलझा लिया गया है़ पुलिस ने हत्याकांड में शामिल तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस अधीक्षक कार्तिक एस ने बताया कि इस घटना को अंजाम देने वाला मृत सैनिक का मौसेरा साला दशरथ यादव ही था. पुलिस को दिये बयान में अपराधियों ने हत्या करने की बात स्वीकार की है.
एसपी कार्तिक एस ने बताया कि छुट्टी लेकर घर आया सेना का जवान कृष्णा गोप 31 मार्च 2016 की रात अपने पड़ोस में क्रिकेट मैच देख रहा था. इसी क्रम में वह अपने घर खाना खाने गया.
खाना खाकर लौटाने के दौरान अमित उरांव ने उसे गोली मार दी, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गयी़ एसपी के अनुसार, इस घटना में दशरथ यादव, मो सिद्दीक अंसारी एवं अमित उरांव शामिल थे. पुलिस ने इनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त देसी पिस्तौल, दो गोली व तीन मोबाइल फोन बरामद किया है. पूछताछ के बाद तीनों अपराधियों को जेल भेज दिया गया. एसपी ने बताया कि सैनिक का मौसेरा साला उससे बराबर पैसे की मांग करता था.
धरना की दी थी चेतावनी
इधर, अपने बहनोई की हत्या के एक दिन बाद दशरथ यादव सेन्हा थाना क्षेत्र के 10 लोगों को लेकर कार्यालय जाकर एसपी से मुलाकात की़ उसने एसपी से कहा कि यदि कृष्णा गोप के हत्यारों को पुलिस जल्द गिरफ्तार नहीं करती है, तो हमलोग आपके कार्यालय के बाहर धरना पर बैठेंगे.
एसपी ने बताया कि उसी दिन पुलिस को उस पर संदेह हो गया था, लेकिन पूरी पड़ताल करने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया. हत्या में प्रयुक्त देसी पिस्टल को उसने अपने घर में गाड़ कर रखा था तथा गोली कहीं और रखी थी. तीनों आरोपियों के बीच इस दरम्यान फोन से हुई बातचीत का ब्योरा भी पुलिस को मिल गया है.
पैसे की जरूरत थी
पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद दशरथ यादव ने पूरी कहानी बतायी. उसने पुलिस को बताया कि जवान कृष्णा गोप की पत्नी उसकी मौसेरी बहन लगती है. उसने अपनी बहन को पहले काफी मदद की थी़ इधर, उसे (दशरथ) पैसे की जरूरत थी, तो उसने कृष्णा गोप से पैसे की मांग की़ इस पर कृष्णा ने कहा कि उसने अभी जमीन खरीद ली है. हाथ खाली है़
इसके बाद उसने सिद्दीक अंसारी व अमित उरांव के साथ मिल कृष्णा गोप की हत्या की योजना बनायी़ 31 मार्च को क्रिकेट मैच चल रहा था. कृष्णा अपने घर के बगल में क्रिकेट मैच देखने गया. कुछ समय बाद वह घर खाना खाने गया. दशरथ यादव भी नहीं था. उसे विश्वास था कि खाना खाकर कृष्णा फिर मैच देखने आयेगा़ वह आया और उसका दरवाजा खटखटाया. इसी बीच दशरथ ने अमित उरांव को बताया कि यही कृष्णा है़ इसी दौरान अमित व सिद्दीक अंसारी पहुंचे, जहां अमित ने कृष्ष्णा को गोली मार दी और भाग निकले़
बरगलाने का किया प्रयास
गिरफ्तार किये गये तीनों आरोपियों के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी. दशरथ यादव ने पुलिस को बरगलाने का काफी प्रयास किया. उसने पुलिस को प्रलोभन भी दिया, लेकिन पुलिस की सख्ती के सामने उसकी एक न चली और वह टूट गया और पूरी कहानी बतायी. गिरफ्तार अमित उरांव पर सेन्हा थाना में पहले से धारा 307 का केस दर्ज है. मामले के उदभेदन के लिए एसडीपीओ अनुज उरांव, पुलिस निरीक्षक जेपीएन चौधरी, पुलिस अवर निरीक्षक वीरेंद्र कुमार दीक्षित एवं सअनि महावीर उरांव एवं सशसत्र बल की टीम गठित की गयी थी.

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