एक किमी दूर से लाते हैं पानी

भंडरा-लोहरदगा : प्रखंड के अधिकतर नदी-तालाब सूख गये हैं. सभी 46 गांवों में पानी की समस्या है. पेयजलापूर्ति के लिए सरकार द्वारा स्वीकृत योजना को पूरा करने पर प्रखंड के 12 गांवों के लोगों को पानी मिलने लगेगा. ग रमी शुरू होते ही भंडरा प्रखंड में पानी की समस्या गंभीर हो गयी है. लोगों को […]

भंडरा-लोहरदगा : प्रखंड के अधिकतर नदी-तालाब सूख गये हैं. सभी 46 गांवों में पानी की समस्या है. पेयजलापूर्ति के लिए सरकार द्वारा स्वीकृत योजना को पूरा करने पर प्रखंड के 12 गांवों के लोगों को पानी मिलने लगेगा.
ग रमी शुरू होते ही भंडरा प्रखंड में पानी की समस्या गंभीर हो गयी है. लोगों को पानी लेने के लिए एक किमी की दूरी तय करनी पड़ती है. प्रखंड के अधिकतर नदी-तालाब सूख गये हैं. सभी 46 गांवों में पानी की समस्या है. पेयजलापूर्ति के लिए सरकार द्वारा स्वीकृत योजना को पूरा करने पर प्रखंड के 12 गांवों के लोगों को पानी मिलने लगेगा. लेकिन इस पर पहल नहीं की जा रही है.
80 प्रतिशत खराब है चापानल : ग्रामीण
भंडरा प्रखंड के 46 गांवों में 1200 चापानल है. विभाग के जेइ पंकज पिंगुआ के अनुसार 80 प्रतिशत चापानल ठीक है. वहीं, ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में 80 प्रतिशत चापानल मरम्मत के अभाव में खराब है.
पानी आते ही लोग चला देते हैं मोटर : भंडरा के लोग एक किमी की दूरी तय करके हाई स्कूल के पास से पानी लाते हैं. भंडरा में लगभग आधा रिहायसी क्षेत्र में पाइप लाइन से पेयजलापूर्ति की जाती है. इसमें अधिकांश लोगों को पानी नहीं मिलता है. पाइप लाइन से पानी लेने के लिए यहां के लोग रातजगा करते हैं. यदि पानी लेने से चूक गये, तो 24 घंटे तक पानी नहीं मिलेगा. पानी कनेक्शन लिये उपभोक्ताओं में से 50 प्रतिशत कनेक्शन के लोगों को पानी नहीं मिलता है. लोगों का कहना है कि पाइप लाइन कनेक्शन बहुत ज्यादा है. पानी आते ही लोग मोटर चला देते हैं.
विधायक को बतायी थी समस्या : भौरो गांव में भी पानी की गंभीर समस्या है. यहां के लोग भी एक किमी की दूरी भौरो नदी के पास स्थित चापानल से पानी लाते हैं. पिछले सप्ताह क्षेत्र के विधायक जब भौंरो गांव आये थे, तब यहां के लोगों ने विधायक से पानी की समस्या के समाधान की मांग की थी.
मसमानो में 15 चापानल में से 12 चापानल खराब : मसमानो गांव के 15 चापानल में से 12 चापानल खराब है. 2000 से ज्यादा आबादीवाले इस गांव के लोग मात्र तीन चापानल से काम चला रहे हैं. मसमानो गांव के सभी कुएं सुख गये हैं. गांव के लाल त्रिभुवन, लाल निरंजन, सरोज राम सहित अन्य लोगों का कहना है कि पहले यहां पानी की समस्या अधिक नहीं थी. इस वर्ष गांव के कुछ किसानों ने डीप बोरिंग करा दी. इसके बाद से लगभग सभी कुएं सुख गये.
पूरी नहीं हुई 12 करोड़ की योजना : भंडरा प्रखंड के अकाशी, कुमहरिया, नगड़ी, मकुंदा, भीठा, कचमची व अंबवा में पाइप लाइन से जलापूर्ति के लिए सरकार ने 12 करोड़ की योजना दी है, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हुई है. इस योजना के लिए सरकार सात करोड़ की राशि स्वीकृत की है. इस योजना को पूर्ण करने की अंतिम तिथि अप्रैल है. जबकि जेइ पंकज कुमार पिंगुआ के अनुसार अभी इस योजना में कई काम बाकी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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