परहेपाट पंचायत धुआंमुक्त

लोहरदगा : एक ओर जहां वनों की अंधाधुंध कटाई हो रही है, वहीं दूसरी ओर किस्को प्रखंड के परहेपाट पंचायत के लोगों ने जागरूकता का परिचय देते हुए वनों के संरक्षण का संकल्प लेकर पूरी पंचायत को धुआंरहित बना दिया है. इसकी जानकारी देते मुखिया सुखमनी लकड़ा ने बताया कि ग्रामीण लंबे समय से जंगल […]

लोहरदगा : एक ओर जहां वनों की अंधाधुंध कटाई हो रही है, वहीं दूसरी ओर किस्को प्रखंड के परहेपाट पंचायत के लोगों ने जागरूकता का परिचय देते हुए वनों के संरक्षण का संकल्प लेकर पूरी पंचायत को धुआंरहित बना दिया है.
इसकी जानकारी देते मुखिया सुखमनी लकड़ा ने बताया कि ग्रामीण लंबे समय से जंगल से लकड़ी काट कर चूल्हा चलाते थे. इसमें उन्हें परेशानी होती थी और पर्यावरण भी दूषित होता था. नक्सलियों के आने के बाद ग्रामीण जंगल से लकड़ी लाने में भी डरते थे. वन समितियों के बन जाने के बाद लकड़ी की कटाई पर रोक लग गयी. वैसे में मैंने (सुखमनी तिग्गा) पहल कर इसका निदान निकाला और ग्रामीणों को समझा बुझा कर एलपीजी गैस का कनेक्शन लेने को प्रेरित किया.
पंचायत क्षेत्र में देव भारत गैस ग्रामीण वितरक के परिश्रम से सभी घरों में गैस कनेक्शन कर दिया गया है. मुखिया ने बताया कि परहेपाट पंचायत में परहेपाट, किस्को एवं होंदगा तीन गांव हैं. यहां की आबादी लगभग 2100 है. वर्तमान समय में लगभग 1600 परिवार गैस का उपयोग कर रहे हैं. गैस के उपयोग से जहां लोगों को सुविधा हो रही है, वहीं पर्यावरण भी दूषित नहीं हो रहा है.
अब नहीं होगा भालू से सामना
परहेपाट के ग्रामीणों का कहना है कि मुखिया की पहल पर उन लोगों ने गैस कनेक्शन लिया है़ कई बार लोग लकड़ी लाने जंगल जाते थे, जहां भालुओं का या अन्य जंगली जानवरों का सामना करना पड़ता था.
जीवन स्तर में आया बदलाव
परहेपाट पंचायत के मधुसूदन उरांव ने बताया कि गैस कनेक्शन लेने के बाद तो जीवन स्तर में भी बदलाव आया है. घर में धुआं से भी बचाव होता है. वातावरण भी स्वच्छ हो गया है.

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