विक्टोरिया तालाब की सफाई मात्र खानापूर्ति

लोहरदगा : जिले में छठ पर्व को देखते हुए तालाबों एवं जलाशयों की साफ-सफाई का काम शुरू हो गया है. विभिन्न शहरों एवं ग्रामीण इलाकों में छठ पर्व की तैयारियां हो रही है. शहर के प्राचीन बड़ा तालाब की सफाई का काम भी नगर पषर्द के द्वारा शुरू किया गया है, लेकिन तालाब की जो […]

लोहरदगा : जिले में छठ पर्व को देखते हुए तालाबों एवं जलाशयों की साफ-सफाई का काम शुरू हो गया है. विभिन्न शहरों एवं ग्रामीण इलाकों में छठ पर्व की तैयारियां हो रही है. शहर के प्राचीन बड़ा तालाब की सफाई का काम भी नगर पषर्द के द्वारा शुरू किया गया है, लेकिन तालाब की जो स्थिति है उसको देख कर ऐसा लग रहा है कि यहां की पानी दूषित हो चुका है और इसमें लोग छठ पर्व करना पसन्द नहीं करेंगे.
पूरा तालाब जहां जलकुंभियों से भरा पड़ा है, वहीं तालाब में कचरा डाल दिये जाने के कारण पानी भी गंदा हो गया है. कभी स्वच्छ जल के लिए मशहूर बड़ा तालाब का पानी आज गन्दगी के कारण काला नजर आ रहा है. जानकारों का कहना है कि इस प्राचीन काल के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.
ये इस क्षेत्र की अनमोल धरोहर है. जिसे बरबाद किया जा रहा है. वर्तमान समय में यह तालाब नगर पषर्द के जिम्मे में है, लेकिन नगर पषर्द इसकी साफ-सफाई के लिए अब तक डीपीआर भी नहीं बनवाया है.
जबकि राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने लोहरदगा दौरे के क्रम में इस ऐतिहासिक तालाब की सफाई के लिए छह करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी. छठ पर्व के नाम पर तालाब से जल कुंभियों को निकालने की रश्म अदायगी की जा रही है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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