लोहरदगा़ : बगैर सड़क बनाये राशि निकाल कर बंदरबाट करने के आरोप में आरइओ के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता लीलानंद झा को निगरानी की टीम ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. लीलानंद के खिलाफ निगरानी थाना में कांड संख्या 50/2010 के तहत मामला दर्ज किया गया था. वे वर्ष 2010 से फरार चल रहे थे. इसी बीच वे सेवानिवृत्त भी हो गये. इनके विरूद्ध प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अनियमितता कर सरकारी राशि गबन करने का आरोप है. पीएमजीएसवाइ के तहत तुईमुपाट में सड़क का निर्माण कराया जा रहा था.
लेकिन आरइओ के अभियंताओं एवं चंदवा निवासी ठेकेदार प्रदीप उपाध्याय की मिलीभगत से बगैर काम किये राशि की निकासी कर ली गयी थी. मामला प्रकाश में आने पर कई तरह की जांच भी किये गये और इस मामले को निगरानी विभाग को सौंप दिया गया था. संवेदक एवं अन्य अभियंता पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं. लीलानंद झा फरार थे, जिन्हे निगरानी की टीम ने गिरफ्तार कर लिया. इनकी गिरफ्तारी मुकदमा दर्ज होने के सात साल बाद की गयी. तुईमूपाट की सड़क आज तक नहीं बन पायी.
