किस्को प्रखंड के डहरबाटी नाला का कार्य दूसरे दिन भी जारी
किस्को/लोहरदगा : किस्को प्रखंड क्षेत्र के डहरबाटी नाला का कार्य श्रमदान से दूसरे दिन भी जारी रहा. इस कार्य में बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर डहरबाटी नाला के निर्माण में जुटे हैं. डहरबाटी नाला में ही सोमवार को सैंकड़ों ग्रामीण खाद्य सामग्री लेकर काम में लग गये. ग्रामीण काफी उत्साहित हैं और उनका कहना है कि यहां के नेताओं ने हमें अपने स्वार्थ के लिए, वोट की राजनीति के लिये ठगने का काम किया. विकास के नाम पर सिर्फ चोंचलेबाजी होती रही.
चाहे नेता किसी भी दल का हो. कहने को तो खुद को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर का नेता बताते नहीं थकते हैं. लेकिन एक काम जनहित का नहीं करा सके. अभी चुनाव है तो मतदाताओं को फिर झूठा आश्वासन दे रहे हैं. ग्रामीण अपनी बदौलत गांव की तसवीर बदलने में जुट गये हैं. इस निर्माण कार्य में तीन पंचायत के सैंकड़ों लोग श्रमदान तो कर ही रहे हैं, 10-10 रुपये चंदा भी दिये हैं. डहरबाटी नाला के निर्माण हो जाने से हजारों एकड़ खेत सिंचित होंगे. खाद्यान्न के मामले में क्षेत्र के लोग आत्मनिर्भर होंगे और पलायन भी रुकेगा.
निर्माण कार्य को लेकर जब भी कोई राजनीतिक दल का नेता पहुंचता था, क्षेत्र के लोग किसी प्रकार डहरबाटी नाला का निर्माण कार्य हो जाये, इस सोच को लेकर उनके काम में लग जाते थे. किंतु लंबे समय से राजनीतिक दल के नेताओं द्वारा ठगे जाने के बाद आखिरकार क्षेत्र के लोग इनका इरादा समझ कर श्रमदान से ही डहरबाटी नाला का निर्माण करना शुरू किया. निर्माण कार्य शुरू होते ही आसपास के लोग इस काम में शामिल हो गये हैं.
नेताओं को खरी-खोटी
श्रमदान से डहरबाटी का कार्य की सूचना मिलते ही कांग्रेसी नेता आलोक कुमार साहू एवं समीद खान डहरबाटी नाला स्थल पर राजनीतिक रोटी सेंकने के उद्देश्य से पहुंचे. ग्रामीणों को झूठा आश्वासन देकर चले गये.
हालांकि ग्रामीणों ने शहर से गये कांग्रेसी नेता को नकार दिया और उनके सामने ही नेताओं को जम कर खरी-खोटी सुनायी. मौके की नजाकत को देखते हुए कांग्रेसी नेता लौटने में ही अपनी भलाई समझी. हां लोहरदगा पहुंच कर प्रेस विज्ञप्ति जरूर जारी कर दिये.
श्रमदान करनेवाले ग्रामीण
ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल नजरुल हसन, कुदुश अंसारी, भरत गोप के नेतृत्व में वन प्रमंडल पदाधिकारी से मिल कर मामले से अवगत कराया.
डहरबाटी निर्माण कार्य में श्रमदान करने वालों में नंदू उरांव, हबीब अंसारी, साबिर अंसारी, अब्दुल हन्नान, मुजिल अंसारी, कलाम, जनतुल्लाह, असगर, बंदे उरांव, एकराम अंसारी, अलीम, मसूद, फारुख, अमानुल, उर्मिला देवी, बाले देवी, सुमित्रा देवी, मालो उराईन, रामजीवन पहान, शनिया उरांव, पंकज साहू, कार्तिक, किशोर, रामदेव, एतवा, सुखनाथ नगेसिया, विनोद यादव, रेयाजुदीन अंसारी, कमलेश राम, तोफिक अंसारी, विगन नगेसिया ,कामिल मुंडा, सकिम अंसारी, आजाद अंसारी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे.
