गोपी/विनोदलोहरदगा. कमल किशोर भगत को विधानसभा की सदस्यता समाप्त होने के बाद लोहरदगा में उप चुनाव की तैयारिया शुरू हो गयी है. राजनीतिक सरगरमी भी तेज हो गयी है. वर्षा के इस मौसम में कोई कीचड़ सनी सड़कों में गांव-गांव, पांव-पांव घूम रहा है तो कोई नगर में पंचायत स्तर का सम्मेलन करा रहा है. केंद्र एवं राज्य में जिस दल की सरकार है उस पार्टी के द्वारा घोषणा कर दी गयी है कि वो गंठबंधन धर्म का पालन करते हुए अपना उम्मीदवार चुनाव में नहीं उतारेगा. इससे पार्टी के कार्यकर्ताओं में मायूसी देखी जा रही है. मांडर के पूर्व विधायक को अचानक यहां की मिट्टी से पे्रम हो गया है वे भी यहां के लोगों के दुख से दुखी होने का प्रयास कर रहे हैं. अभी तक सिर्फ कांग्रेस पार्टी का ही उम्मीदवार का नाम सामने आया है. पिछले चुनाव में 592 वोटों से कमल किशोर भगत से चुनाव हारनेवाले झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुखदेव भगत ही इस बार भी चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है. वे बरसात के मौसम में भी गांव-गांव, पांव-पांव घूमरहे हैं. हर वर्ग के लोगों का समर्थन चाह रहे हैं. पिछली गलतियां न दुहरायी जाये, इसका खास ख्याल रखा जा रहा है. गीले-शिकवे भुला कर नाराज लोगों को मनाया जा रहा है. आजसू पार्टी के द्वारा अभी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की गयी है. डॉ देवशरण भगत भी मैदान में ताल ठोंक रहे हैं. दर्जनों निर्दलीय उम्मीदवार जाति, आय प्रमाण पत्र बनवाने में लग गये हैं. हर कोई इस सीट को हासिल करना चाह रहा है, लेकिन जनता खामोश है और सब देख रही है.
तेजी से चढ़ रहा है लोहरदगा का राजनीतिक तापमान
गोपी/विनोदलोहरदगा. कमल किशोर भगत को विधानसभा की सदस्यता समाप्त होने के बाद लोहरदगा में उप चुनाव की तैयारिया शुरू हो गयी है. राजनीतिक सरगरमी भी तेज हो गयी है. वर्षा के इस मौसम में कोई कीचड़ सनी सड़कों में गांव-गांव, पांव-पांव घूम रहा है तो कोई नगर में पंचायत स्तर का सम्मेलन करा रहा है. […]
