कुड़ू( लोहरदगा) : अति पिछड़ी सलगी पंचायत के अति पिछड़े बदहाल तथा आजादी के 72 साल बाद भी मूलभूत सुविधाओं को तरसते मसियातू गांव के दिन बहुरनेवाले हैं.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा लोहरदगा डीसी को टि्वट कर मसियातू गांव की समस्या की जांच करा कर सीएमओ को अवगत कराने का निर्देश दिया है. इसके बाद सोमवार को उपायुक्त आकांक्षा रंजन के आदेश पर जिला योजना पदाधिकारी महेश भगत के नेतृत्व में एक टीम मसियातू गांव पहुंची. ग्रामीणों के साथ बैठक कर अधिकारियों ने समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया.
बताया जाता है कि प्रखंड के सलगी पंचायत अंतर्गत एक गांव है मसियातू, गांव में हरिजन तथा आदिवासी समाज के लगभग पांच सौ ग्रामीण रहते हैं, गांव में आजादी के 72 साल बाद मूलभूत सुविधाओं के नाम पर न तो पेयजल की सुविधा है, न ही गांव तक आने के लिए सड़क, रोजगार के साधन भी नहीं है. गांव में एक विद्यालय था, जिसे मर्ज करते हुए गांव से दो किलोमीटर दूर विद्यालय में कर दिया गया.
मसियातू गांव के ग्रामीण किसान हैं, लेकिन सिंचाई के साधन नहीं है. गांव की समस्याओं को लेकर प्रभात खबर ने चार जनवरी के अंक में शादी के लिए भी कोई रिश्ता लेकर नहीं आता है शीर्षक से समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था.
खबर छपने के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा के लोहरदगा जिला प्रवक्ता फुरकान अहमद ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 12 जनवरी को खबर की कतरन के साथ टि्वट किया था. टि्वट होने के डेढ़ घंटे बाद ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खबर पर संज्ञान लेकर लोहरदगा उपायुक्त को रि टि्वट करते हुए मामले की जानकारी मांगी तथा मसियातू गांव की समस्याओं के समाधान का निर्देश दिया .
