दफ्तर में धूल फांक रही है बाइपास सड़क निर्माण की फाइल
लोहरदगा : आये दिन शहर में सड़क जाम से शहरवासी परेशान हैं. शहर के पावरगंज चौक, बरवाटोली चौक, रेलवे साइडिंग में दिन भर जाम की स्थिति बनी रहती है. शहर का मुख्य चौक होने के कारण लंबी दूरी के बड़े वाहन, यात्री वाहन, बाक्साइट ट्रकों का परिचालन के साथ साथ छोटे वाहन टेंपो एवं छोटे […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
लोहरदगा : आये दिन शहर में सड़क जाम से शहरवासी परेशान हैं. शहर के पावरगंज चौक, बरवाटोली चौक, रेलवे साइडिंग में दिन भर जाम की स्थिति बनी रहती है. शहर का मुख्य चौक होने के कारण लंबी दूरी के बड़े वाहन, यात्री वाहन, बाक्साइट ट्रकों का परिचालन के साथ साथ छोटे वाहन टेंपो एवं छोटे वाहनों का परिचालन इन्हीं चौक-चौराहों से होता है.ऐसे में इन स्थानों में घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है.
कभी कभी तो यात्री वाहन, एम्बुलेंस या किसी जरूरी काम से अपने गंतव्य स्थान में जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. अगर कोई मरीज को लेकर जाम में फंस जाता है, तो उस वक्त सिवाय इंतजार के उनके पास और कोई विकल्प नहीं बच पाता. कभी-कभी तो इन स्थानों में जाम इतना रहता है कि लोगों को पैदल सड़क पार करना भी मुश्किल हो जाता है.
गौरतलब है कि एक अदद बाईपास सडक की मांग यहां की जनता वर्षों से कर रही है. लेकिन अब तक किसी भी सांसद, विधायक या अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा आम जनता को इस परेशानी से निजात दिलाने के लिए कोई सार्थक पहल नहीं किया गया है.
प्रशासनिक स्तर पर वर्ष 2005 में बाईपास सडक निर्माण कार्य शुरू कराया गया था. शहर के बाहर-बाहर ओयना टोंगरी से होते हुए बक्सीडीपा तक बाइपास सड़क के लिए रोड मैप भी तैयार कराया गया था, लेकिन दुर्भाग्यवश बाइपास सड़क का निर्माण कार्य शुरू होने के साथ बंद हो गया. इसके बाद पुन: 2014-15 में मन्हो के पास शंख नदी से बक्सीडीपा तक बाईपास सडक निर्माण के लिए सर्वे कराया गया.
भूमि अधिग्रहण का काम भी शुरू किया गया. सरकार द्वारा बाइपास सडक निर्माण के लिए 18 करोड़ जिला प्रशासन को उपलब्ध कराया गया. बावजूद इसके बाइपास सडक निर्माण कार्य में तेजी नहीं आयी और सरकार द्वारा फंड वापस ले लिया गया. उसके बाद से बाइपास सड़क के निर्माण कार्य की फाइल ठंडे बस्ते में पड़ा धूल फांक रही है.