नदी-तालाब सूखे
कुड़ू : सूर्य देव के नजरे इनायत करने से आसमान से आग बरस रहा है. मंगलवार को तापमान 42 डिग्री रिकॉर्ड किया गया़ तपती गर्मी का आलम यह है कि सुबह नौ बजे से लेकर शाम चार बजे तक सड़कों पर निकलना मुश्किल हो गया है़ तपती गर्मी के कारण पानी पाताल में पहुंच चुका है. नदी, तालाब सुख गये हैं. कुआं का जलस्तर काफी नीचे चला गया है. कई कुएं सूख गये हैं. नदी-तालाब के सूखने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी मवेशी पालकों को हो रही है. मवेशी चारा-पानी के लिए भटक रहे हैं. गर्मी ने पिछले सभी रिकॉर्ड को तोड़ दिया है.
पिछले साल मई माह में सबसे अधिक तापमान 39 रिकॉर्ड किया गया था. लेकिन इस साल मई माह में लगातार तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. तापमान बढ़ने से सड़कों पर वीरानी छायी रह रही है. लोग सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक घरों में रहना पसंद कर रहे हैं. लू के साथ-साथ गर्म हवा के झोके चल रहे हैं. चिकित्सकों ने बताया कि तेज गर्मी तथा लू से बचाव के लिए हमेशा माथे पर कपड़ा तथा साथ में ग्लूकोज पानी लेकर चलें. मोटरसाइकिल चलाते समय हेलमेट तथा चश्मा जरूर पहनें. ज्यादा जरूरत हो तभी सुबह 11 बजे के बाद घर से निकलें. लू और गर्मी से बचाव के लिए दिनभर में सात से आठ लीटर पानी पीएं. शरीर में पानी कम नहीं होने दें.
शीतल पेय पदार्थों की बढ़ी मांग : तपती गर्मी के कारण शीतल पेय पदार्थों की मांग बढ़ गयी है. ग्रामीणों, ग्राहकों, यात्रियों की पहली पंसद सत्तू और आमझोरा बन गया है. कुड़ू बस पड़ाव में निजी वाहन रूकते ही वाहन पर सवार लोग सत्तू तथा आमझोरा के दुकान पर पहुंच जा रहे हैं. बस पड़ाव में खीरा, ककड़ी, तरबुज,पपिता, चना से लेकर अन्य शीतल पदार्थों तथा खाद्य सामग्री की कई दुकान लगी हुई है. तपती गर्मी से बचाव के लिए लोग शीतल पेय के साथ-साथ लस्सी का भी आनंद लेते हुए गर्मी से बचाव का प्रयास कर रहे हैं.
