रिकॉर्ड 64.88 फीसदी हुआ मतदान, 2014 में 58.23% हुई थी वोटिंग
रांची : लोहरदगा (एसटी) संसदीय सीट पर इस बार रिकॉर्ड 64.88 फीसदी मतदान हुआ. 2014 में यहां 58.23 फीसदी मतदान हुआ था. एक-दो छिटपुट घटनाओं को छोड़ क्षेत्र में शांतिपूर्ण मतदान हुआ. चिलचिलाती धूप के बावजूद वोटर कतार से नहीं हिले.
पिछले चुनाव में जहां वोट बहिष्कार या नक्सली हमला हुआ था, वहां भी इस बार जम कर मतदान हुआ. रांची व लोहरदगा के साथ-साथ गुमला जिले में इस संसदीय सीट के लिए मतदान हुआ. रांची के मांडर विधानसभा क्षेत्र में कुछ स्थानों पर इवीएम खराब होने की शिकायत मिली. टांगर, लुंडरी, करकट, रानीचांचो, सोंस, चामा के मुड़कम, पकरियो, बढ़ैया, गुटुवा व चलियो में इवीएम में आयी खराबी के कारण डेढ़ घंटे तक मतदान का कार्य बाधित रहा. आयुक्त शुभ्रा वर्मा ने लोहरदगा के कई मतदान केंद्रों का जायजा लिया.
मीडिया कर्मियों व सुखदेव भगत से उलझे एसडीपीओ
मत्स्य कार्यालय बूथ पर मतदान करने के बाद महागठबंधन के कांग्रेस प्रत्याशी सुखदेव भगत अपने परिवार के साथ बाहर निकल रहे थे. इसी दौरान कुछ दूरी पर मीडिया कर्मियों ने उन्हें बातचीत के लिए रोक लिया. इस पर वहां मौजूद लोहरदगा सीओ प्रमेश कुशवाहा ने कहा कि यहां से थोडी दूर जाकर बात करें. इसके बाद श्री भगत सड़क के दूसरी ओर आ गये.
इसी बीच वहां चल रहे लाइव शूट के बीच में एसडीपीओ घुस गये. इससे हंगामे की स्थिति पैदा हो गयी. मीडिया कर्मियों ने कहा कि बाइट लेने दें. इस पर एसडीपीओ ने कहा कि 200 मीटर दूर जाकर बाइट लें. इसी बीच सीओ और एसडीओ भी पहुंच गये. उन लोगों ने भी वहां बाइट लेने से मीडिया कर्मियों को रोका. इस पर मीडिया कर्मियों व अधिकारियों के बीच तू-तू, मैं-मैं होने लगी. मौके पर प्रत्याशी सुखदेव भगत ने कहा कि सरकारी मशीनरी को मतदान में भाजपा ने लगा दिया है.
ट्रैक्टर से आये वोट देने
तबेला गांव के कुछ लोगों ने चंदा कर 15 किलोमीटर दूर सिविल कलस्टर जाने के लिए ट्रैक्टर बुक किया था. इनका बूथ वहीं पर था. ट्रैक्टर से एक साथ करीब 40 लोग आये. हर बूथ पर वोटरों की भीड़ उम्मीद से अधिक थी. चिलचिलाती धूप के बावजूद वोटर कतार से नहीं हिले.
2014 में हुआ था वोट बहिष्कार, इस बार जम कर मतदान
2014 के चुनाव में इस क्षेत्र में नक्सलियों ने वोट बहिष्कार, बूथ पर गोलियों से हमला व बम फेंक कर दहशत पैदा किया था. इसको लेकर 2019 के चुनाव में कम वोट पड़ने की आशंका थी. लेकिन सिविल कलस्टर के बूथ पर 9.30 बजे तक 30 प्रतिशत से अधिक वोट पड़ चुका था.
इन्हीं बूथों पर 2014 के चुनाव में 20 प्रतिशत से कम वोट पड़ा था. इसी तरह पीपी बामदा बूथ पर 2014 में नक्सलियों ने हथगोला से हमला किया था. उस समय दोपहर में ही मतदानकर्मी वोटिंग बंद कर भाग गये थे, लेकिन 2019 के चुनाव में पीपी बामदा में लोग बेखौफ मतदान करते नजर आये. मतदान करने वालों की लंबी कतार लगी हुई थी. पीठासीन पदाधिकारी एमडी समद ने कहा कि यहां कोई डर नहीं है.
सुदर्शन भगत ने किया मतदान
टांगरडीह मवि स्थित बूथ नंबर 37 में भाजपा के लोकसभा प्रत्याशी सुदर्शन भगत ने अपने परिवार के साथ मतदान किया.
पीएलएफआइ के गढ़ में नहीं दिखा भय
गुमला व बिशुनपुर विस क्षेत्र अंतर्गत पड़ने वाले उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र के मतदाताओं में उग्रवादियों का भय नहीं दिखा. 42 डिग्री पारा के बावजूद लोगों ने घरों से निकल कर मतदान किया. मतदान को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह दिखा.
प्राय: बूथों पर पुरुषों की अपेक्षा महिला मतदाताओं की संख्या अधिक दिखी. सुबह सात बजे से मतदान शुरू होना था, परंतु कई बूथों पर मतदाता सुबह सात बजे से पहले ही पहुंच गये थे. दिन जैसे-जैसे चढ़ता गया, वैसे-वैसे मतदाताओं की भीड़ बढ़ती गयी. दोपहर 12 बजे तक अधिकतर बूथों पर 30 प्रतिशत तक मतदान हो चुका था.
पहली बार मतदान करनेवालों में उत्साह
पहली बार वोट देने पहुंचे मतदाताओं में खासा उत्साह दिखा. लोहरदगा में नताशा मिंज, ऋचा मिंज, पायल कुमारी सिंह, आनंदी कुमारी, निशा कुमारी, सोनिया कुमारी, राधिका कुमारी, आर्यन प्रजापति, अमर किशोर रंजन, आयुष्मान पांडेय, दीपिका केसरी, सविता कुमारी, अंशु अर्चना, ताराचंद कुमार आदि ने पहली बार मतदान किया. मतदाताओं ने कहा कि यह लोकतंत्र का सबसे बड़ा त्योहार है.
