लोहरदगा से चमरा उठ गेलू तो महागठबंधन चरमरा जइतू

बात लोहरदगा की है. पर चर्चा रांची में ज्यादा है. कलाई में महागठबंधन का फीता लगाये भैया वहां से लड़ने को तैयार हैं. नाम, दर्शन दोनों से सुंदर व प्रवृत्ति से सुख देनेवाले हैं. पर मुकाबला भी सुदर्शन से है. पिछला रिकॉर्ड से उनका हौसला बढ़ा हुआ है. बदली परिस्थितियों में नैया पार लग जाने […]

बात लोहरदगा की है. पर चर्चा रांची में ज्यादा है. कलाई में महागठबंधन का फीता लगाये भैया वहां से लड़ने को तैयार हैं. नाम, दर्शन दोनों से सुंदर व प्रवृत्ति से सुख देनेवाले हैं. पर मुकाबला भी सुदर्शन से है. पिछला रिकॉर्ड से उनका हौसला बढ़ा हुआ है. बदली परिस्थितियों में नैया पार लग जाने की उम्मीद में इन दिनों गुनगुनाये व इठलाये फिर रहे हैं. पर सिर पर राहु-केतू के योग टले नहीं हैं. सूचना है कि ग्रह टालने के लिए उन्होंने चमरा भाई से मुलाकात कर ली है.
आश्वासन भी ले लिया है. इसी मुद्दे पर रांची की एक पान दुकान पर चर्चा हो रही थी. बाबा पक्का हऊ. छौ-सात हजार वोट कोई वोट होवा हऊ. महागठबंधनो तो हऊ बाबा. इतना सुनना था कि मुंह में पान की पीक भरे अगला तपाक से बोला..मंगलवार बाद बोलभीं….चमरा उठ गेलू तो महागठबंधन चरमरा जईतू.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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