लोहरदगा : जिले में बिजली की लचर व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है. बिजली नहीं रहने के कारण जलापूर्ति योजना पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. आम नागरिकों में इसको लेकर रोष व्याप्त है. इस मुद्दे पर लोगों ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है. बहुजन समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष सुनील कुजूर का कहना है कि बिजली की लचर व्यवस्था से जनता परेशान हैं और अधिकारी मस्त हैं.
अब सड़क पर उतर कर आंदोलन किया जायेगा. राष्ट्रीय जनता दल के जिलाध्यक्ष शकील अख्तर का कहना है कि अधिकारी निरंकुश हो गये हैं. जनता की उन्हें परवाह ही नहीं है. अब आंदोलन ही बिजली व्यवस्था में सुधार लाने का एक मात्र उपाय बचा है. सेरेंगहातु गांव निवासी सामाजिक कार्यकर्ता संतोष सिंह का कहना है कि बिजली नहीं रहने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जनप्रतिनिधि भी खामोश हैं. नसीम कुरैशी का कहना है कि बिजली की कमी के कारण पूरा जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.
अधिकारियों को कहने से कोई लाभ नहीं है. यहां के जनप्रतिनिधि भी कोई काम नहीं कर रहे हैं. बदला गांव निवासी राम कुमार महतो का कहना है कि बिजली की ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं हुई थी. अधिकारियों के लापरवाही के कारण ये समस्या उत्पन्न हुई है. सामाजिक कार्यकर्ता गुंजन कुमार का कहना है कि बिजली नहीं रहने के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है. व्यवस्था में सुधार लाना जरूरी है.
