लोहरदगा : समाहरणालय के सभा कक्ष में डीसी एवं एसपी द्वारा विधि व्यवस्था को लेकर बैठक हुई. बैठक में विपक्षी पार्टियों द्वारा आहूत पांच जुलाई को झारखंड बंद से निबटने तथा विधि व्यवस्था संधारण पर चर्चा की गयी. बैठक में डीसी ने बंद से निबटने के लिए पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि बंद के दौरान किसी भी परिस्थिति में लोगों को आवश्यक सेवा से वंचित नहीं होना पड़े. इसके लिए पदाधिकारियों को अलर्ट रहने की आवश्यकता है. बैठक में कैंप जेल बनाने तथा बंदियों के रहने एवं खाने-पीने की व्यवस्था को लेकर भी चर्चा की गयी. बंद के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना नहीं घटे,
इसके लिए भी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि बंद के दौरान सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जाता है, तो बंद समर्थकों से नुकसान की भरपायी करायी जायेगी. एसपी प्रियदर्शी आलोक ने कहा कि झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा दिये गये निर्देशों का सख्ती से अनुपालन किया जायेगा. बंद के दौरान किसी प्रकार की क्षति, चाहे वह पब्लिक प्रॉपर्टी हो, या सरकारी, नुकसान का भरपाई बंद के आह्वान करनेवाले राजनीतिक दल के नेताओ से की जायेगी.
उन्होंने कहा कि लोकत्रंत में शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन का अधिकार है. लेकिन बंद की आड़ में गुंडागर्दी, उपद्रव और हिंसा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जायेगी. उन्होंने कहा कि बंद को देखते हुए कडी सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम किया गया है. शहरी क्षेत्र के चौक चौराहो में बंद समर्थकों पर कड़ी नजर रखी जायेगी. इसके अलावा सीसीटीवी कैमरा से भी निगरानी की जायेगी. उन्होंने कहा कि विभिन्न थाना क्षेत्रों में भी अधिकारियों को मुस्तैद करते हुए मॉक ड्रिल के माध्यम से लोगों को कानून हाथ में न लेने के लिए जागरूक किया गया है. आम लोगों से किसी के बहकावे में न आने की अपील भी की गयी है. मौके पर एसडीओ राजमहेश्वरम, सभी प्रखंडो के बीडीओ, सीओ मौजूद थे.
