कुडू (लोहरदगा) : तपती गरमी का आलम यह है कि नदी, तालाब, कुआं सब सूख गये हैं. चापानल जवाब दे रहा है. पानी के लिए शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में मारामारी प्रारंभ हो गयी है. सुबह चार बजे से 10 बजे तक एवं शाम 6 बजे से देर शाम 10 बजे तक चापानलों में पानी लेने के लिए कतारें लगी रहती है.
शहरी जलापूर्ति योजना ठप हो गयी है. सबसे ज्यादा खराब हालत ग्रामीण क्षेत्र में है, लोग गंदा पानी पीने को विवश हैं. इन क्षेत्रों में खासा प्रभाव, चुआं बना सहारा : प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों खम्हार, नामुदाग, महादेव मंडप, बंडवा, दुबांग, कुन्दगढ़ा, चूल्हापानी, असनापानी, मसूरियाखांड, चारागदी, पिपराही, नामनगर, जोंजरो, तान, हुरहद, मकान्दू समेत कई ऐसे इलाके हैं, जहां पेयजल के लिए लगाया गया चापानल बेकार हो जाने से पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गयी है. सबसे बड़ी समस्या चूल्हापानी, चारागदी, मसूरियाखांड़, पिपराही, नामुदाग, खम्हार के ग्रामीणों की है. यहां के ग्रामीणों का पेयजल का एकमात्र साधन नदी व चुआं है. चूल्हापानी स्थित दामोदर नद का उदगम स्थल से गांव के लोग अपनी प्यास बुझा रहे हैं.
कब प्रारंभ होगी शहरी जलापूर्ति योजना : शहरी जलापूर्ति योजना में काम चल रहा है कुडू के नर्सरी में टंकी निर्माण हो रहा है. ग्रामीण पूछ रहे हैं कि शहरी जलापूर्ति योजना कब प्रारंभ होगी. मुखिया नीलू देवी, पंसस चंपा देवी, वार्ड सदस्य समेत भाजपा, कांग्रेस, आजसू के नेताओं का कहना है कि शहरी जलापूर्ति योजना प्रारंभ न होने से भारी परेशानी हो रही है.
कोयल सूखने से हालत बने (पीएचइडी) पीएचइडी के कनीय अभियंता अखिलेश प्रसाद सिंह ने बताया कि कोयल नदी के सूखने से हालत बने है. खराब चापानलों को बनवाने का काम तेज किया जायेगा, पेयजल की समस्या नहीं होने देंगे. इइ से करेंगे बात (विधायक) विधायक कमल किशोर भगत ने बताया कि पेयजल की समस्या को लेकर पीएचइडी के कार्यपालक अभियंता से बात करेंगे.
