बंद से जनजीवन अस्त-व्यस्त

सिमडेगा : उग्रवादी संगठन पीएलएफआइ द्वारा अचानक किये गये बंद के आह्वान से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया. वाहन नहीं चले तथा दुकानें बंद रही. यात्री वाहन नहीं चलने के कारण बस स्टैंड सुनसान रहा. यात्री परेशान रहे. यात्रियों को इधर उधर भटकते हुए देखा गया. टेंपो चालकों की चांदी रही. बंद में फंसे […]

सिमडेगा : उग्रवादी संगठन पीएलएफआइ द्वारा अचानक किये गये बंद के आह्वान से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया. वाहन नहीं चले तथा दुकानें बंद रही. यात्री वाहन नहीं चलने के कारण बस स्टैंड सुनसान रहा. यात्री परेशान रहे. यात्रियों को इधर उधर भटकते हुए देखा गया. टेंपो चालकों की चांदी रही. बंद में फंसे यात्रियों से मनमाने पैसे वसूले गयी. सरकारी दफ्तर खुले रहे, किंतु लोगों की उपस्थिति कम रही.

स्कूल कॉलेज खुले रहे. बंद के कारण लगभग 70 लाख का व्यवसाय प्रभावित हुआ. साप्ताहिक बाजार प्रभावित हुआ. दूर-दराज से लोग बाजार नहीं पहुंच सके. सब्जी मार्केट में काफी कम भीड़ भाड़ देखी गयी. वाहन नहीं चलने के कारण बाहर सब्जी नहीं आयी. परिणाम स्वरूप सब्जियों के दाम में तेजी देखी गयी.

कचहरी परिसर में गहमागहमी कम रही. वादों का निबटारा प्रभावित हुआ. बंद के कारणा सड़कें भी वीरान रही. एक्का दुक्का लोगों को ही आते जाते देखा गया. बानो रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का परिचालन सुचारू रहा. सभी ट्रेनें से समय से आयी तथा गयी. इधर कोलेबिरा, बानो, जलडेगा, बांसजोर, ठेठइटांगर, बोलबा, केरसई, कुरडेग, पाकरटांड़ प्रखंडों में भी बंद का असर देखा गया. समाचार लिखे जाने तक किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं थी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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