मनरेगा से नहीं बदली मजदूरों की तकदीर

अमित राज कुडू (लोहरदगा) : महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी एक्ट अधिनियम लागू हुए नौ वर्ष हो गये. इन नौ वर्षो में मजदूरों के हालत में सुधार होना तो दूर स्थिति बद से बदतर हो गयी. प्रखंड के 14 पंचायतों में कुल निबंधित मजदूरों की संख्या 44 894 है. इनमें मात्र आठ हजार पांच […]

अमित राज

कुडू (लोहरदगा) : महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी एक्ट अधिनियम लागू हुए नौ वर्ष हो गये. इन नौ वर्षो में मजदूरों के हालत में सुधार होना तो दूर स्थिति बद से बदतर हो गयी. प्रखंड के 14 पंचायतों में कुल निबंधित मजदूरों की संख्या 44 894 है. इनमें मात्र आठ हजार पांच सौ 47 मजदूरों को साल में एक सौ दिन का रोजगार मिला. शेष 36 हजार तीन सौ 47 मजदूर ऐसे हैं, जिन्हें सालोभर काम नहीं मिला. रोजगार के तलाश में मजदूर भटकते रहे. काम की तलाश में प्रदेश के बाहर पलायन कर गये.

सलगी पंचायत काम देने में आगे : मनरेगा के तहत कुडू प्रखंड के उडुमुडू पंचायत में सबसे ज्यादा निबंधित मजदूर हैं. उडुमुडू में निबंधित मजदूरों की संख्या 3914 है. जबकि सबसे कम चीरी पंचायत में दो हजार एक सौ मजदूर को काम देने के मामले में सबसे ज्यादा सलगी पंचायत ने 50 जॉब कार्डधारियों को काम दिया है. सलगी में 1082 मजदूरों को एक साल में एक सौ दिन का काम दिया गया. इस मामले में निबंधित मजदूरों को रोजगार देने में चीरी पंचायत सबसे फिसड्डी है. चीरी पंचायत में महज 231 मजदूरों को एक साल में एक सौ दिन का रोजगार दिया गया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >