बेमौसम बारिश से महुआ फसल को भारी नुकसान, ग्रामीण व व्यापारी चिंतित

बेमौसम बारिश से महुआ फसल को भारी नुकसान, ग्रामीण व व्यापारी चिंतित

लातेहार ़ जिले में पिछले कुछ दिनों से हो रही बेमौसम आंधी और बारिश ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाली महुआ की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है. मौसम की खराबी के कारण इस वर्ष महुआ का उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इसने न केवल संग्रह करने वाले ग्रामीणों, बल्कि इसका व्यापार करने वाले व्यवसायियों की भी चिंता बढ़ा दी है. गौरतलब है कि लातेहार जिले में हर साल महुआ का लगभग 40 से 60 करोड़ रुपये का कारोबार होता है. ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए महुआ आमदनी का सबसे सुलभ स्रोत है, क्योंकि इसमें बिना किसी पूंजी निवेश के अच्छी कमाई हो जाती है. उत्पादन कम होने से ग्रामीण परेशान : महुआ चुन रही ग्रामीण पार्वती देवी और रजकलिया देवी ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि रोज हो रही बारिश से उत्पादन घट गया है. महुआ की बिक्री से होने वाली आय से घर के कई जरूरी काम पूरे होते हैं, लेकिन इस साल मौसम साथ नहीं दे रहा है. आमतौर पर मार्च के अंतिम सप्ताह से अप्रैल तक चलने वाले इस सीजन में तेज गर्मी होने पर महुआ का गिरना बढ़ता है, लेकिन बीते चार-पांच दिनों से खराब मौसम ने प्रक्रिया रोक दी है. ग्रामीणों को डर है कि यदि मौसम का यही हाल रहा, तो महुआ के बाद होने वाली डोरी की फसल को भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. बाजार में बढ़ी महुआ की कीमत : उत्पादन में आयी भारी गिरावट का सीधा असर अब बाजार पर दिखने लगा है. महुआ की आवक कम होने से इसके दामों में उछाल दर्ज किया गया है. स्थानीय व्यवसायी सूरज कुमार ने बताया कि महज एक सप्ताह के भीतर महुआ की कीमतों में काफी वृद्धि हुई है. वर्तमान में यह 49 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है. व्यवसायियों का मानना है कि यदि मौसम जल्द साफ नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में किल्लत बढ़ेगी और कीमतें और ऊपर जा सकती हैं.

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Published by: Shailesh ambashtha

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