लातेहार. बालूमाथ थाना क्षेत्र के रजवार गांव में मंगलवार की शाम वज्रपात होने से तारालाल उरांव की मौत हो गयी थी. घटना के बाद मृतक के परिजनों ने देर शाम सदर अस्पताल लाया था, यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इसके बाद मंगलवार की शाम मृतक के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका. सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने कहा कि बुधवार की सुबह पोस्टमार्टम होगा. लेकिन बुधवार की सुबह से ही पोस्टमार्टम कराने के लिए मृतक के परिजन सदर अस्पताल के चिकित्सकों से गुहार लगाते रहे. लेकिन किसी ने नही सुनी. थक हार कर मृतक की सास सुकलकठ्ठा गांव की आंगनबाड़ी सेविका लालमुनी देवी अचानक सदर अस्पताल के मुख्य द्वार पर बैठ कर रोनी लगी. रोते हुए उन्होंने बताया कि मैं आंगनबाड़ी सेविका सभी की मदद करने को हमेशा तत्पर रहते हैं. लेकिन हमारे परिवार के साथ ऐसी घटना हुई तो हमारे साथ न्याय नहीं हो रहा है. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी और छोटे-छोटे बच्चे हैं. उनकी काफी हालत खराब हो रही है. उन्होंने कहा कि 18 घंटा से उनके दामाद का शव पोस्टमार्टम हाउस में पड़ा है, जिसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है. अस्पताल के ड्यूटी मे तैनात चिकित्सक डॉ मो तौहिद से पोस्टमार्टम कराने की बात कही तो डॉक्टर ने कहा कि वह पोस्टमार्टम नहीं करते हैं. डॉ ने कहा कि सदर अस्पताल में और भी चिकित्सक है उनसे पोस्टमार्टम करा लीजिए. बाद में डॉ सुनील कुमार भगत ने 18 घंटा बाद पोस्टमार्टम किया. क्या कहते हैं उपाधीक्षक: इस संबंध मे सदर अस्पातल के उपाधीक्षक डॉ अखिलेश्वर प्रसाद ने कहा कि कोर्ट में किसी मामले को लेकर गवाही देने गया था. ओपीडी मे तैनात डॉ नये हैं. इसलिए वो पोस्टमार्टम नहीं कर सके. उन्होंने कहा कि शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद मोक्ष वाहन देकर उसे रवाना किया गया.
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