पंचपदी पद्धति लिखेगी शिक्षा की नयी इबारत

पंचपदी पद्धति लिखेगी शिक्षा की नयी इबारत

लातेहार ़ जिला मुख्यालय स्थित सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में रविवार को पंचपदी शिक्षण पद्धति और नयी शिक्षा नीति 2020 को लेकर बैठक हुई. विद्यालय के सचिव राजीव रंजन पांडेय एवं प्रधानाचार्य उत्तम कुमार मुखर्जी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में शिक्षा के बदलते स्वरूप और शिक्षण तकनीकों पर विस्तार से चर्चा हुई. ज्ञान के प्रभावी प्रवेश पर जोर : बैठक को संबोधित करते हुए सचिव राजीव रंजन पांडेय ने कहा कि विद्या से ही विनय आती है, इसलिए जीवन में शिक्षा का विशेष महत्व है. उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों में ज्ञान का प्रभावी प्रवेश कैसे हो, इसी उद्देश्य के साथ नयी शिक्षा नीति में कई नवीन बिंदुओं को शामिल किया गया है. उन्होंने शिक्षकों से मानसिक और आध्यात्मिक उन्नति के लिए नियमित ध्यान (मेडिटेशन) करने का भी आग्रह किया. कॉन्सेप्ट स्पष्ट करना ही मुख्य उद्देश्य : प्रधानाचार्य उत्तम कुमार मुखर्जी ने शिक्षा नीति की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षण का प्रथम उद्देश्य बच्चों के कॉन्सेप्ट को पूरी तरह स्पष्ट करना है. नयी शिक्षा नीति ने पंचपदी शिक्षण पद्धति को अपनाया है, जिसमें लर्निंग ऑब्जेक्टिव और लर्निंग आउटकम्स पर विशेष बल दिया गया है. यह पद्धति बच्चों को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने के साथ-साथ पूरी तरह गतिविधि आधारित है. मौके पर विद्यालय के सभी आचार्य उपस्थित थे.

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By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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