हमारा संविधान नियमों और कानूनों का एक समूह है : पीडीजे

हमारा संविधान नियमों और कानूनों का एक समूह है : पीडीजे

लातेहार ़ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में बुधवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में संविधान दिवस मनाया गया. इस मौके पर जिला के न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, व्यवहार न्यायालय के कर्मचारी एवं पारा लीगल वोलंटियर ने संविधान के उद्देशिका को पढ़ा. मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री सिंह ने कहा कि भारत का संविधान भारत के लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष, समतावादी ढांचे को परिभाषित करने वाला आधरभूत दस्तावेज है. हमारा संविधान नियमों और कानूनों का एक समूह है जो किसी देश के संचालन और नियंत्रण को विनियमित करता है. भारत सरकार के राजनीतिक सिद्धांत, अभ्यास और शक्तियां संविधान पर ही आधारित हैं. उन्होंने कहा कि देश का एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हमारा यह कर्तव्य है कि हम अपने संविधान का सम्मान करें. देश के आजाद होने के बाद हर भारतीय नागरिक संविधान द्वारा उसे दिये गये मौलिक अधिकारों का आंनद लेते आ रहा है. लेकिन इसके साथ-साथ देश के कानून का पालन करने और संविधान में दिये गये मौलिक कर्तव्यों को निभाने का भी संकल्प लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि अपने कर्तव्य पथ पर चलते हुए ही हम देश को विकास की नयी ऊंचाई पर ले जा सकते हैं. मौके पर सभी न्यायिक पदाधिकारी, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष लाल अरविंद नाथ शाहदेव समेत कई अधिवक्ता, व्यवहार न्यायालय के कर्मचारी और पीएलवी के सदस्य मौजूद थे.

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By SHAILESH AMBASHTHA

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