भारत में कुटुंब व्यवस्था है, जहां स्त्री होती है रीढ़ : डॉ. पूजा

नारी शक्ति पर आधारित सप्तशक्ति संगम का आयोजन

नारी शक्ति पर आधारित सप्तशक्ति संगम का आयोजन प्रतिनिधि, लातेहार जिला मुख्यालय के धर्मपुर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में रविवार को सप्तशक्ति संगम – नारी शक्ति’ विषय पर एक प्रेरक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य समाज में महिला सशक्तिकरण और उनके बहुआयामी योगदान को रेखांकित करना था. कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि क्षेत्रीय संयोजिका डॉ. पूजा, प्रांत संयोजिका रंजना, प्रांत सह संयोजिका सुशीला देवी, जिला संयोजिका गीता देवी एवं मातृ भारती की अध्यक्ष रितु रानी पांडेय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यक्रम के संचालन के दौरान गीता कुमारी ने सभी अतिथियों का परिचय कराया. अपने संबोधन में डॉ. पूजा ने कुटुंब प्रबोधन की भारतीय दृष्टि एवं पर्यावरण विषय पर विचार रखते हुए कहा कि भारत में परिवार नहीं, बल्कि कुटुंब व्यवस्था है, जहां माता, बहन और प्रत्येक स्त्री परिवार की रीढ़ होती हैं। उन्होंने बताया कि यह ‘सप्तशक्ति संगम’ अभियान पूरे भारत में 5 अक्टूबर 2025 से 23 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जायेगा. कार्यक्रम के दौरान लक्ष्मीबाई केलकर और स्वामी विवेकानंद के प्रेरक व्यक्तित्व पर आधारित जीवंत प्रस्तुतियां भी दी गयी. इस अवसर पर प्रांत संयोजिका रंजना ने कहा कि मां की ममता बच्चों के लिए एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक के समान है, जो समाज निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है. कार्यक्रम में सप्तशक्ति संगम के प्रांत प्रभारी अखिलेश कुमार, विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष राजीव रंजन पांडेय, सचिव नरेंद्र कुमार पांडेय, प्रधानाचार्य उत्तम कुमार मुखर्जी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र-छात्राएं और अभिभावक उपस्थित थे.

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By Akarsh Aniket

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