भारत में हस्तकरघा क्षेत्र एक सशक्त कुटीर उद्योग है : रौशनी कुजूर

भारत में हस्तकरघा क्षेत्र एक सशक्त कुटीर उद्योग है : रौशनी कुजूर

महुआड़ांड़ ़ प्रखंड में झारक्राफ्ट क्लस्टर द्वारा गुरुवार को जिला परिषद भवन में 11वां राष्ट्रीय हस्तकरघा दिवस मनाया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ अम्वाटोली पंचायत की मुखिया रौशनी कुजूर, झारक्राफ्ट क्लस्टर मैनेजर मो सैफ और महजर खान ने संयुक्त रूप से किया. क्लस्टर मैनेजर मो सैफ ने बताया कि इस दिवस को मनाने का उद्देश्य हस्तकरघा उद्योग के महत्व और इसके सामाजिक-आर्थिक योगदान के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना है. उन्होंने कहा कि सात अगस्त 1905 को कोलकाता के टाउन हाॅल में स्वदेशी आंदोलन की औपचारिक शुरुआत हुई थी. इसी ऐतिहासिक दिन की स्मृति में भारत सरकार ने 29 जुलाई 2015 को यह निर्णय लिया कि हर साल सात अगस्त राष्ट्रीय हस्तकरघा दिवस के रूप में मनाया जायेगा. मुख्य अतिथि रौशनी कुजूर ने कहा कि भारत में हस्तकरघा क्षेत्र एक सशक्त कुटीर उद्योग के रूप में उभरा है. बुनकर कपास, रेशम और ऊन जैसे शुद्ध प्राकृतिक रेशों का उपयोग कर सुंदर वस्त्र तैयार करते हैं. उन्होंने कहा कि यह दिवस हस्तकरघा के सामाजिक और आर्थिक योगदान को रेखांकित करने का अवसर है. इस अवसर पर प्रखंड क्षेत्र के बुनकरों को माल्यार्पण कर एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया. उपायुक्त ने इवीएम वेयर हाउस का निरीक्षण किया

लातेहार. जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने गुरुवार को इवीएम वेयरहाउस का मासिक निरीक्षण किया. इस क्रम में इवीएम वेयर हाउस की सुरक्षा, विधि-व्यवस्था, विद्युत व्यवस्था, सीसीटीवी कंट्रोल रूम, तैनात सुरक्षा बलों, अग्निशमन यंत्र समेत अन्य व्यवस्थाओं की जांच कर जानकारी ली. मौके पर उप निर्वाचन पदाधिकारी मेरी मड़की समेत निर्वाचन कार्यालय के कर्मी उपस्थित थे.

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Published by: Shailesh ambashtha

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