E-KYC Ration Card: राशन कार्ड के लिए नहीं करा पा रहे ई-केवाईसी, आदिम जनजाति परिवारों को सता रहा ये डर

E-KYC Ration Card: लातेहार जिले के गारू प्रखंड के आदिम जनजाति परिवार के लोग राशन कार्ड के लिए ई-केवाईसी नहीं करा पा रहे हैं. इलाके में आधार सेवा केंद्र नहीं है. इस कारण उनका आधार अपडेट नहीं हो पा रहा है. इससे वे परेशान हैं.

E-KYC Ration Card: गारू(लातेहार), कृष्णा प्रसाद गुप्ता-लातेहार जिले के गारू प्रखंड में राशन कार्डधारियों के लिए ई-केवाईसी (E-KYC) अनिवार्य कर दिया गया है. इससे राशन कार्डधारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इलाके में आधार सेवा केंद्र नहीं है. इसलिए गरीब परिवार के लोग आधार अपडेट नहीं करा पा रहे हैं. बड़ी संख्या में आदिम जनजाति परिवार ई-केवाईसी के लिए परेशान है.

उपायुक्त से आधार सेवा केंद्र खोलने की मांग


गारू प्रखंड के लोगों ने लातेहार के उपायुक्त से इलाके में आधार सेवा केंद्र खोलने की मांग की है, ताकि गरीब परिवार के लोग आसानी से आधार अपडेट समेत अन्य कार्य करा सकें और ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की जा सके. ये इलाका जिला मुख्यालय से काफी दूर है. इस कारण गरीब आदिम जनजाति परिवारों के लिए शहर आकर आधार अपडेट कराना बेहद मुश्किल हो रहा है.

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आधार कार्ड अपडेट नहीं होने से ई-केवाईसी में परेशानी


राशन कार्डधारी राजेश कुमार ने बताया कि आधार सेवा केंद्र नहीं होने के कारण गारू प्रखंड के ग्रामीण लातेहार जिला मुख्यालय और अन्य स्थानों पर जा कर आधार कार्ड अपडेट करा रहे हैं. इससे सिर्फ समय की ही नहीं, बल्कि पैसे की भी बर्बादी हो रही है. कई ग्रामीण इसमें असमर्थ हैं. वे अपने आधार कार्ड को अपडेट नहीं करा पा रहे हैं. लिहाजा उनका ई-केवाईसी नहीं हो पा रहा है.

ई-केवाईसी नहीं होने से राशन मिलने में होगी दिक्कत-डीलर


राशन डीलर उमेश प्रसाद ने जानकारी दी कि ई-केवाईसी नहीं होने पर राशन कार्ड से परिवार के सदस्यों का नाम राशन कार्ड से कट सकता है. ऐसे में गरीब परिवारों को राशन मिलने में दिक्कत होगी. उन्होंने सभी राशन कार्डधारियों से जल्द से जल्द ई-केवाईसी करा लेने की अपील की है.

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लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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