बौराहा डैम बन सकता है नया पर्यटन केंद्र, साहसिक खेलों और रोजगार की संभावना

बेतला नेशनल पार्क के करीब स्थित डैम में सालोंभर रहता है पानी

बेतला नेशनल पार्क के करीब स्थित डैम में सालोंभर रहता है पानी संतोष कुमार, बेतला. प्राकृतिक सुंदरता और अथाह जलराशि को अपने आगोश में समेटे बौराहा डैम आने वाले समय में जिले के पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना सकता है. बेतला नेशनल पार्क के बिल्कुल करीब स्थित यह डैम वर्तमान में स्थानीय लोगों की खेती और मवेशियों के लिए पानी का प्रमुख स्रोत है. इस डैम में सालभर पानी मौजूद रहता है. यदि यह डैम सरकारी उपेक्षा से बाहर निकले, तो यह न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगा, बल्कि शासन के लिए राजस्व का बड़ा स्रोत भी बन सकता है. डैम में क्षेत्र की लाइफलाइन बनने की क्षमता है. जरूरत केवल ठोस कार्ययोजना और इच्छाशक्ति की है. यदि इसे व्यवस्थित तरीके से संवारा गया, तो यह बेतला इलाके के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है. साहसिक खेलों की अपार संभावना: डैम का विशाल जल क्षेत्र वाटर स्पोर्ट्स के लिए बेहद अनुकूल है. यहां स्पीड बोटिंग जैसी सुविधाएं शुरू की जा सकती हैं. इसके अलावा डैम के आसपास की पहाड़ियों और वन क्षेत्र को ट्रेकिंग और नेचर कैंपिंग के लिए विकसित किया जा सकता है. इससे युवाओं और साहसिक खेलों के शौकीनों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी. रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल: पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे. बेतला नेशनल पार्क के साथ आसपास के होटल, रेस्टोरेंट, गाइड और पोखरी के हस्तशिल्प बाजार को भी बढ़ावा मिलेगा. इससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे और पलायन पर भी रोक लग सकती है.

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By Akarsh Aniket

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