बीमार मां को वृद्धा पेंशन दिलाने ले जाता बेटा

महुआडांड़ (लातेहार). यह तसवीर लातेहार जिले के मुहुआडांड़ की है. नेतरहाट व महुआडांड़ के बीच पहाड़ों की तराई में बसा है माइल गांव. आदिम जनजाति बहुल इस गांव में कुल 130 घर हैं. कुल आबादी है लगभग 650. प्रखंड मुख्यालय से गांव की दूरी 18 किमी है. पर वहां जाने के लिए संपर्क पथ तक […]

महुआडांड़ (लातेहार). यह तसवीर लातेहार जिले के मुहुआडांड़ की है. नेतरहाट व महुआडांड़ के बीच पहाड़ों की तराई में बसा है माइल गांव. आदिम जनजाति बहुल इस गांव में कुल 130 घर हैं. कुल आबादी है लगभग 650. प्रखंड मुख्यालय से गांव की दूरी 18 किमी है.
पर वहां जाने के लिए संपर्क पथ तक नहीं है. लोग पैदल आते-जाते हैं. गांव के छंदु मुंडा ने बताया कि उसकी मां बुधनी देवी बीमार है.
पैदल नहीं चल सकती है. उसे वृद्धावस्था पेंशन दिलाने के लिए महुआडांड़ प्रखंड कार्यालय ले जाना पड़ता है. सड़क नहीं रहने से पथरीले रास्ते से ही दौरी में बिठा कर 18 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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