स्कूल की तरक्की के लिए अपने पैसे लगाये

शिक्षा के प्रति समर्पण का पर्याय हैं कपिल देव ठाकुर लातेहार : सरकारी स्कूलों को बेहतर शिक्षण संस्थानों में शुमार करने वाले प्रधानाध्यापक कपिलदेव ठाकुर अपने वेतन की राशि खर्च कर अपने पदस्थापन वाले स्कूलों को निजी स्कूलों से हर मायने में बेहतर बनाते थे. श्री ठाकुर की पहली पोस्टिंग पांच जुलाई 1969 को राजकीय […]

शिक्षा के प्रति समर्पण का पर्याय हैं कपिल देव ठाकुर
लातेहार : सरकारी स्कूलों को बेहतर शिक्षण संस्थानों में शुमार करने वाले प्रधानाध्यापक कपिलदेव ठाकुर अपने वेतन की राशि खर्च कर अपने पदस्थापन वाले स्कूलों को निजी स्कूलों से हर मायने में बेहतर बनाते थे. श्री ठाकुर की पहली पोस्टिंग पांच जुलाई 1969 को राजकीय मध्य विद्यालय हरिहरपुर में हुई.
उन्होंने अपनी मेहनत से इस विद्यालय को गढ़वा जिला का सबसे बेहतर सरकारी स्कूल का पुरस्कार दिलवाया. तत्कालीन जिला शिक्षा अधीक्षक (पलामू) ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हरिहरपुर विद्यालय को पलामू का अव्वल विद्यालयों में से एक का पुरस्कार से नवाजा था. इसके बाद उन्होंने राजकीय मध्य विद्यालय नगर ऊंटारी, पुतुर, नावाबाजार, हरिहरगंज, लातेहार (बाजार) व राजकीय मध्य विद्यालय करकट (लातेहार) में पदस्थापित हुए.
31 अगस्त 2007 को उन्होंने सरकारी सेवा से अवकाश प्राप्त किया. आज भी श्री ठाकुर के पढ़ाये छात्र देश-विदेश में परचम लहरा रहे हैं. राजकीय मध्य विद्यालय लातेहार बाजार में उनके द्वारा पढ़ाये गये छात्र प्रभात उपाध्याय दुबई में इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रोफेसर है.
उसी विद्यालय के पूर्ववर्ती छात्र अजय कुमार महलका बेल्जियम में वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत है. उनके पढ़ाये कई छात्र राज्य प्रशासनिक सेवा, लातेहार व्यवहार न्यायालय व पत्रकारिता के क्षेत्र में बेहतर कर रहे हैं. श्री ठाकुर अपने पदस्थापन वाले विद्यालयों में स्वयं की राशि से बागवानी व साज-सज्जा कराते हैं. उनकी अनुशासन व सच्चई सराहनीय है.

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