प्रतिनिधि, झुमरीतिलैया
कोडरमा रेलवे स्टेशन पर रविवार की सुबह यात्रियों को निशाना बनाने वाले एक अंतरराज्यीय चोर गिरोह के तीन सदस्यों को जीआरपी ने गिरफ्तार कर लिया. इनमें पश्चिम बंगाल निवासी गिरोह का सक्रिय सदस्य आशीष प्रधान (46 वर्ष) तथा धनबाद के कतरास की रहने वाली दो महिलाएं संजना पासी (30 वर्ष) और प्रियंका पासी (26 वर्ष) शामिल हैं. पुलिस के अनुसार यह गिरोह भीड़भाड़ वाली यात्री ट्रेनों में यात्रियों के गले से सोने की चेन, मंगलसूत्र और अन्य कीमती सामान उड़ाने का काम करता था. घटना की शुरुआत गया-आसनसोल पैसेंजर ट्रेन में हुई, जब एक महिला ट्रेन में चढ़ रही थी. तभी आशीष प्रधान ने उसके गले से चेन झपट ली. महिला और उसके पति ने शोर मचाया तो जीआरपी व आरपीएफ के जवानों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आशीष को पकड़ लिया. पूछताछ में उसने बताया कि वह मूलतः मनोसाखली, पश्चिम बंगाल का रहने वाला है और पहले मिठाई की दुकान में हलवाई का काम करता था. काम में लाभ न मिलने पर उसने नए रास्ते तलाशे और इसी दौरान उसकी मुलाकात बापी सरदार, सुबो गईन और महताब से हुई. बातचीत में पता चला कि ये लोग ट्रेन यात्रियों को निशाना बनाते हैं. लालच में आकर आशीष भी गिरोह में शामिल हो गया और कई छिनतई की घटनाओं को अंजाम देने लगा.
सुबह से रेकी कर रहा था
आरोपी ने बताया कि रविवार की सुबह वह अपने साथियों के साथ बस से कोडरमा पहुंचा और स्टेशन पर रेकी करने लगा. फुट ओवर ब्रिज पर खड़े होकर उन्होंने यात्रियों को परखा और जैसे ही महिला ट्रेन में चढ़ी, आशीष ने चेन छीनी और साथी बापी सरदार को थमा दी. हालांकि साथी भागने में सफल रहा, लेकिन आशीष पकड़ा गया. जीआरपी प्रभारी उपेंद्र कुमार ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जायेगा.दूसरी वारदात धनबाद-गया इंटरसिटी एक्सप्रेस में गोमो स्टेशन पर हुई
इसी बीच दूसरी वारदात धनबाद-गया इंटरसिटी एक्सप्रेस में गोमो स्टेशन पर हुई. यहां दो महिला आरोपी संजना और प्रियंका ने भीड़ का फायदा उठाकर एक महिला को धक्का दिया और उसके गले से मंगलसूत्र व मोतियों की माला चुरा ली. जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त जांच टीम ने ट्रेन में तलाशी अभियान चलाया और दोनों महिलाओं को संदिग्ध मानकर पूछताछ की. तलाशी में उनके पास से चोरी किया गया मंगलसूत्र और माला बरामद हुआ. पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वे ट्रेन में प्रवेश कर यात्रियों के सामानों की चोरी करती हैं.पुलिस सूत्रों के अनुसार यह गिरोह देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय है और पहले भी कई बार जेल जा चुका है. गिरोह का तरीका यह है कि वे पहले बस से किसी स्टेशन पर पहुंचते हैं, वहां रेकी करते हैं और फिर भीड़भाड़ वाली ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाते हैं.
