कोडरमा. झारखंड विधानसभा में प्रस्तुत बजट अबुआ दिशाेम बजट नहीं, पिछुआ करोम बजट है. यह राज्य को आगे ले जाने वाला नहीं, बल्कि विकास के मामले में पीछे करने वाला बजट है. उक्त बातें कोडरमा की भाजपा विधायक डॉ. नीरा यादव ने राज्य के बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहीं. डॉ़ नीरा ने कहा कि जहां बजट भाषण के दौरान संसदीय कार्य मंत्री, वित्त विभाग राधाकृष्ण किशोर ने यह दावा किया कि मंईयां सम्मान योजना में भुगतान के बाद भी 78 हजार करोड़ रुपये की राशि राजकोष में उपलब्ध है. वहीं केंद्र सरकार का आर्थिक सहयोग नहीं होने और केंद्रीय करों में हिस्सेदारी नहीं मिलने का रोना भी रोया. आखिर यह दो तरफा बातें क्यों, अगर राज्य में राशि का अभाव नहीं है तो फिर विकास योजनाएं ठप क्यों हैं, विकास योजनाओं में राशि क्यों नहीं मिल पा रही है, भुगतान क्यों नहीं हो पा रहा है, यह बड़ा प्रश्न है. डॉ. नीरा ने कहा कि विकास के नाम पर पूरे झारखंड में लूट खसोट चल रहा है जिसे देखने वाला कोई नहीं है, राज्य में विकास योजनाएं ठप पड़ी है. भाजपा सरकार में पूरे राज्य में कई डिग्री कॉलेज भवन बने, पर इनमें इतने सालों के बाद भी पढ़ाई शुरू करने की व्यवस्था नहीं हो सकी है. इस बजट में भी इसका कोई प्रावधान नहीं किया गया. सिर्फ विश्वविद्यालय बनाने की घोषणा से कुछ नहीं होता, उसके लिए कार्य करना पड़ता है, जो कहीं दिखता नहीं है. कुल मिलाकर इस बजट में दावे तो कई हैं, पर सभी खोखले हैं.
विकास के मामले में पीछे करने वाला है यह बजट : डॉ़ नीरा
झारखंड विधानसभा में प्रस्तुत बजट अबुआ दिशाेम बजट नहीं, पिछुआ करोम बजट है. यह राज्य को आगे ले जाने वाला नहीं, बल्कि विकास के मामले में पीछे करने वाला बजट है
