सतगावां. प्रखंड क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है़ रविवार देर रात करीब एक बजे मीरगंज पंचायत के भदाली गांव में हाथियों के एक झुंड ने जमकर उत्पात मचाया़ इस हमले में हाथियों ने न केवल ग्रामीणों के आशियाने उजाड़ दिये, बल्कि घर में रखे अनाज और मवेशियों को भी निशाना बनाया़ जानकारी के अनुसार रविवार रात जब पूरा गांव सोया हुआ था,तभी हाथियों ने तनिक लाल मांझी 30 वर्ष के मिट्टी के घर पर धावा बोल दिया़ हाथियों ने दीवारें ढहानी शुरू कर दीं, जिससे घर में सो रहे दो मासूम बच्चे और एक महिला की जान पर बन आयी. गनीमत रही कि शोर सुनकर समय रहते तीनों ने भागकर अपनी जान बचायी. इस घटना में घर में रखा चावल, दाल, आलू, प्याज और अन्य खाद्य सामग्री पूरी तरह बर्बाद हो गया़
खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं
हाथियों ने तनिक लाल मांझी के घर को पूरी तरह क्षतिग्रस्त करने के बाद पास ही स्थित बद्री मांझी 60 वर्ष के खपरैल (छापी) को भी निशाना बनाया़ वहां अनाज की कोठी को तोड़कर उसमें रखा सारा चावल नष्ट कर दिया़ हमले के दौरान हाथियों ने एक बकरी को कुचल कर मार डाला. पीड़ित तनिक लाल मांझी की पत्नी आरती देवी ने बताया कि उनके पति जीविकोपार्जन के लिए तमिलनाडु में मजदूरी करते हैं. परिवार के पास रहने के लिए यही एक मिट्टी का घर था, जिसे हाथियों ने उजाड़ दिया़ आरती ने कहा कि हमारा सब कुछ खत्म हो गया,अब हम खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का झुंड लगातार आबादी वाले इलाकों में दस्तक दे रहा है, जिससे जान माल का खतरा बना हुआ है़ ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से अविलंब मुआवजे की मांग की है ताकि पीड़ित परिवार दोबारा अपना आशियाना बना सके़ बता दें कि एक दिन पूर्व हाथियों ने कटैया में एक व्यक्ति को कुचल कर मार डाला था़